• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

उन्नाव रेप केस: CBI ने कोर्ट को बताया, पीड़िता की जान को है गंभीर खतरा

|

नई दिल्ली। उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की सुरक्षा को लेकर सीबीआई ने विशेष अदालत में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि, उन्नाव रेप केस की पीड़िता की जान को गंभीर खतरा है। सीबीआई ने कहा है कि गवाह संरक्षण के तहत पीड़िता और उसके परिवार को 'ए कैटेगरी' का खतरा है। पीड़िता और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया देनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने यूपी सरकार को पीड़िता और उसके परिवार को वहां किसी सुरक्षित स्थान पर या पड़ोसी राज्य में भेजने के संबंध में उठाए जाने वाले संभावित कदमों पर एक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

कोर्ट ने सुरक्षित स्थान पर भेजने के दिए निर्देश

कोर्ट ने सुरक्षित स्थान पर भेजने के दिए निर्देश

मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को एक हफ्ते के भीतर एक रिपोर्ट दाखिल कर दुष्कर्म पीड़िता, उसकी मां, दो बहनों और भाई को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताने को कहा है। पीड़िता को 28 जुलाई को एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। बहन और भाई के साथ उसकी मां अभी दिल्ली में उसके साथ है।

अदालत अब 24 सितंबर को दुष्कर्म मामले पर सुनवाई करेगी

अदालत अब 24 सितंबर को दुष्कर्म मामले पर सुनवाई करेगी

अदालत ने राज्य सरकार को पीड़िता और उसके परिवार की जिंदगी और आजादी की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी अवगत कराने का निर्देश दिया है। अदालत अब 24 सितंबर को दुष्कर्म मामले पर सुनवाई करेगी। इसी से जुड़े एक अन्य मामले में, अदालत ने उन्नाव पीड़िता के पिता का उपचार करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ जांच शुरू करने से सीबीआई को निर्देश देने से मना करते हुए कहा कि मामला चलाना सीबीआई का विशेषाधिकार है।

डॉक्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

डॉक्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

वहीं अदालत ने कहा कि सुनवाई के दौरान समूचे घटनाक्रम में किसी भी डॉक्टरों की भूमिका के बारे में तथ्य सामने आए तो उचित आदेश जारी किए जाएंगे। सीनियर पब्लिक प्रॉसीक्यूटर अशोक भारतेंदु ने याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि उनकी जांच में अदालत के सामने डॉक्टरों को आरोपियों के तौर पर बुलाने के लिए अब तक कुछ भी सामने नहीं है। बता दें कि, धर्मेंद्र मिश्रा की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि सेंगर के इशारे पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जानबूझकर पीड़िता के पिता का परीक्षण नहीं किया था।

चिदंबरम को सीबीआई कोर्ट से झटका, न्यायिक हिरासत 3 अक्टूबर तक बढ़ाई

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
CBI said to a special court, Unnao Rape Survivor Facing Highest Level Of Threat
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X