• search

अब OBC में 200 करोड़ का घोटाला, फर्जीवाड़े में पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के दामाद का नाम

By Rahul Kumar
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। देश में इस समय एक के बाद एक बैंक घोटाले सामने आ रहे हैं। पहले पीएनबी में नीरव मोदी का घोटाला फिर रोटोमैक पैन के मालिक विक्रम कोठारी का सात सरकारी बैंकों के साथ किया घोटाला, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का घोटाला और अब इसके बाद एक और 200 करोड़ रुपए का बैंकिग घोटाला सामने आया है। सीबीआई ने सिंभौली शुगर्स लिमिटेड, उसके चेयरमैन गुरमीत सिंह मान, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गुरपाल सिंह और अन्य के खिलाफ 97.85 करोड़ रुपए की कथित बैंक कर्ज धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आपको बता दें कि गुरपाल सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के दामाद हैं।

    200 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला

    200 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला

    देश की सबसे बड़ी चीनी मिलों में से एक सिंभौली शुगर्स लिमटेड में हुए फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई ने कंपनी के सीईओ जी एस सी राव, सीएफओ संजय तापड़िया, एक्जक्यूटिव डायरेक्टर गुरसिमरन कौर मान और पांच गैर-कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पहला मामला 97.85 करोड़ रुपए का है जिसे 2015 में फ्रॉड घोषित कर दिया गया। दूसरा कॉरपोरेट लोन का मामला 110 करोड़ का है। बैंक के मुताबिक सिंभौली शुगर्स ने पिछला लोन चुकाने के नाम पर 2015 में 110 करोड़ रुपये का फिर से लोन लिया। यह घोटाला 200 करोड़ रुपए से अधिक का है।

    पहला लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन

    पहला लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन

    सीबीआई के मुताबिक, दूसरा लोन 29 नवंबर 2016 को एनपीए घोषित किया गया। यह धोखाधड़ी ओबीसी की मेरठ ब्रांच में 2011 में व 2015 में की गई। बैंक की शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने 2011 में 148.59 करोड़ का कर्ज लिया था। जनवरी 2015 में 110 करोड़ रु. का नया कर्ज दिया गया था। लेकिन नवंबर 2016 में यह भी एनपीए बन गया था। बैंक ने 17 नवंबर 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी।

    गन्ना किसानों का पैसा खुद के कामों में लगाया

    गन्ना किसानों का पैसा खुद के कामों में लगाया

    एफआईआर के मुताबिक ओबीसी ने 2011 में शुगर कंपनी को 148.60 करोड़ रुपए का लोन दिया। रिजर्व बैंक के एक स्कीम के तहत लोन 5,762 गन्ना किसानों को पैसा चुकाने के लिए दिया गया। लेकिन कंपनी ने फर्जीवाड़ा कर इस रकम को अपने काम के लिए भी खर्च कर लिया। 31 मार्च 2015 को यह लोन एनपीए बन गया। बैंक की ओर से 12 मई 2015 को इस लोन अकाउंट को फर्जी करार दे दिया गया और इसकी रकम 97.85 करोड़ रुपये बताई गई। लेकिन असल में बैंक को 109.08 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    CBi registered case against Punjab CM’s son-in-law and 13 officials of Simbhaoli Sugars Ltd

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more