• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सीबीआई जज लोया की मौत की जांच की मांग

By Bbc Hindi

अंग्रेज़ी पत्रिका 'द कैरेवान' ने हाल में एक ख़बर प्रकाशित की थी कि सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई की विशेष अदालत के जज बृजगोपाल हरकिशन लोया के परिजनों ने उनकी मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है.

इस मामले में भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष और गुजरात के पूर्व गृह मंत्री अमित शाह अभियुक्त रहे हैं जिन्हें लोया की मृत्यु के बाद सीबीआई की विशेष अदालत के अगले जज ने बरी कर दिया है.

महाराष्ट्र के लातूर शहर के बार एसोसिएशन ने लोया की मौत की जांच को लेकर एक न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है ताकि सब कुछ साफ़ हो सके.

लातूर बार एसोसिएशन ने बीबीसी को बताया है कि सोमवार को लातूर में ज़िला कोर्ट से डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकालकर वे अपना ज्ञापन ज़िला कलेक्टर को सौंपेंगे.

लातूर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नाराव पाटिल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सीबीआई जज की मौत की जांच को लेकर मुंबई हाइकोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी एक पत्र भेजा जाएगा जिसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में आयोग बनाने की मांग की जाएगी.

अन्नाराव कहते हैं, "इस मौत की जांच होना ज़रूरी है क्योंकि न्यायपालिका की सुरक्षा पर ख़तरा मंडरा रहा है."

सोशल मीडिया पर जज लोया की मौत की चर्चा

सीबीआई जज की मौत की जाँच होनी चाहिए: जस्टिस शाह

सोहराबुद्दीन-तुलसीराम एनकाउंटर के अनसुलझे सवाल

सोहराबुद्दीन शेख़ का 2005 में हुआ था एनकाउंटर
BBC
सोहराबुद्दीन शेख़ का 2005 में हुआ था एनकाउंटर

बृजगोपाल की मौत 30 नवंबर और 1 दिसंबर 2014 की दरम्यानी रात को नागपुर में हुई थी, वह अपने एक साथी जज की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए नागपुर गए थे.

उनकी मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताई गई.

'द कैरेवान' पत्रिका को बृजगोपाल के परिजनों ने बताया था कि इसके बाद कुछ ऐसी घटनाएं हुई थीं जिससे यह मौत असामान्य लग रही है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने डर के कारण इस पर कुछ नहीं बोला.

जब बीबीसी ने जज लोया के सहपाठी रहे लातूर बार एसोसिएशन के सदस्य वकील उदय गवारे से पूछा कि अब तक वे कुछ क्यों नहीं बोले, तो उन्होंने कहा "इस पर शक़ था क्योंकि लोया जब से एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे तब से वह दबाव में थे."

गवारे कहते हैं, "उनके अंतिम संस्कार में हम गए थे और तभी चर्चा थी कि यह प्राकृतिक मौत नहीं है. इसमें गड़बड़ी ज़रूर है. उनके परिजन दबाव में थे और वह बात नहीं कर रहे थे. पत्रिका की ख़बर में जो सवाल उठाए गए हैं उससे इस मौत पर शक़ होना लाज़िमी है. तीन साल बाद भी इस मामले पर क्यों न बात की जाए? "

एनकाउंटर मामले को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात से महाराष्ट्र ट्रांसफ़र किया था
Getty Images
एनकाउंटर मामले को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात से महाराष्ट्र ट्रांसफ़र किया था

लोया लातूर बार एसोसिएशन के सदस्य भी रहे हैं और यह उनका गृहनगर भी रहा है. वह मुंबई में रह रहे थे लेकिन लातूर आते-जाते थे.

गवारे कहते हैं कि 2014 में लोया दिवाली पर घर आए थे. उनका कहना है, "लोया जी बहुत हंसमुख थे लेकिन जब दिवाली पर घर आए थे तो वह दबाव में थे. उन्होंने कहा था कि उनके पास फोन न किया जाए क्योंकि एक संवेदनशील मामले की वे सुनवाई कर रहे हैं."

सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे जज का 2014 में ट्रांसफ़र कर दिया गया था जिसके बाद लोया उनकी जगह इस मामले के जज बनाए गए थे.

गवारे कहते हैं कि लोया कहते थे कि एनकाउंटर मामले की बड़ी चार्जशीट उनके पास आई है जिसे उन्हें देखना है.

अन्नाराव और गवारे दोनों कहते हैं कि जज लोया एक क़ाबिल और ईमानदार व्यक्ति थे उनकी मौत की परिस्थितियाँ संदिग्ध हैं इसलिए जाँच ज़रूरी है.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
CBI judge seeks probe into Loyas death

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X