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रिश्‍वतखोरी मामले में CBI ने राकेश अस्‍थाना को दी क्‍लीन चिट

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नई दिल्‍ली। सीबीआई ने घूसखोरी मामले में दुबई के कारोबारी और कथित बिचौलिये मनोज प्रसाद के खिलाफ दिल्ली की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर की। इस मामले में सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना का भी नाम शामिल था, लेकिन एजेंसी ने अस्थाना को क्लीन चिट दी है। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने सीबीआई अधिकारियों के हवाले से बताया कि जांच एजेंसी ने अदालत में एक आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि उसके भाई, सोमेश और सुनील मित्तल के खिलाफ जांच की आवश्यकता है।

रिश्‍वतखोरी मामले में CBI ने राकेश अस्‍थाना को दी क्‍लिन चिट

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि कोई साक्ष्य नहीं है जो दिखाता है कि अस्थाना ने कभी धनशोधन मामले में शिकायतकर्ता सतीशबाबू को बचाने के लिए कोई रिश्वत मांगी या दी। यह घूसखोरी मामला विवादास्पद मीट निर्यातक मोइन कुरैशी से जुड़ा है। सीबीआई ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि अस्थाना और प्रसाद के बीच कोई संबंध नहीं है। सीबीआई ने यह भी कहा कि बाबू के प्रसाद के साथ हुई चर्चा में किसी भी नौकरशाह की कोई भूमिका नहीं थी।

विशेष सीबीआई जज संजीव अग्रवाल के समक्ष दायर चार्जशीट में सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार और रॉ के चीफ एस के गोयल को भी क्लीन चिट दी है। देवेंद्र कुमार को 2018 में गिरफ्तार किया गया था, बाद में उन्हें जमानत दे दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि मामले की जांच अभी चल रही है और एजेंसी पूरक रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। प्रसाद को 17 अक्तूबर, 2018 में गिरफ्तार किया गया था और दिसंबर में उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर की है। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी और रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।

विस्‍तार से जानिए क्‍या था पूरा मामला

मीट कारोबारी सतीश सना से दो करोड़ रुपये रिश्वत लेने के मामले में 15 अक्टूबर 2018 को सीबीआई ने तत्कालीन विशेष निदेशक राकेश अस्थाना व डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की अस्थाना और देवेंद्र की मांग को खारिज कर दिया था।

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साथ ही सीबीआई को जांच का आदेश दिया। राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना को राहत देने के लिए रिश्वत ली थी। इस मामले पर दोनों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। यहां तक कि डीएसपी देवेंद्र कुमार को इस मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। बाद में निचली अदालत से डीएसपी देवेंद्र कुमार को जमानत मिल गई थी।

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English summary
CBI has found no involvement of its former special director Rakesh Asthana and DSP Devender Kumar in an alleged bribery case registered by the agency in October 2018.
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