कैप्टन अंशुमान के पिता का हाल देखने के बाद छलका इस शहीद की मां का दर्द, कहा-'मेरी बहू भी सब ले गई'
Martyr Commander Nishant Singh :शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति सिंह इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों पर सुर्खियां बनी हुई हैं। उनके सास-ससुर (रवि प्रताप सिंह और मंजू सिंह) ने उन पर आरोप लगाया है कि 'उनके बेटे को जो भी सम्मान, पेंशन मिला वो सबकुछ बहू अपने साथ लेकर चली गई, उनके पास तो कुछ भी नहीं है।'
जिसके बाद से सोशल मीडिया पर बहू बनाम सास-ससुर एक जंग छिड़ गई है। कुछ लोग स्मृति सिंह का सपोर्ट कर रहे हैं तो कुछ लोग रवि प्रताप और मंजू सिंह का साथ दे रहे हैं तो वहीं इस बात के सामने आने के बाद एक और शहीद की मां की पीड़ा जाग गई है और उसने भी अपनी बहू पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं।

'बेटे के पेंशन का पूरा लाभ भी सिर्फ बहू को मिल रहा है'
हम यहां बात कर रहे हैं नौसेना कमांडर निशांत सिंह की, जो कि एयर क्राफ्ट क्रैश के दौरान ट्रेनी पायलट को बचाने में शहीद हुए थे। उनकी मां प्रोमिला सिंह देहरादून में रहती हैं, उन्होंने भी अपनी बहू पर आरोप लगाया है कि 'बेटे के शहीद होने के बाद से वो पूरी तरह से अकेली हैं, बेटे के पेंशन का पूरा लाभ भी सिर्फ बहू को मिल रहा है। उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है, उनके पास जीविका का कोई साधन नहीं है।'
'मां-बाप को भी बेटे के पेंशन का कुछ हिस्सा मिलना चाहिए'
प्रोमिला सिंह ने कहा कि 'मैं यहां अपनी बहू के बारे में कुछ नहीं कहना चाहती लेकिन शहीद के मां-बाप को भी बेटे के पेंशन का कुछ हिस्सा मिलना चाहिए, अगर इसी तरह से मां-बाप को अनदेखा किया गया तो फिर कोई भी मां अपने बच्चे को सेना में नहीं भेजेगी।'
'बचपन की दोस्त नायाब रंधावा से प्रेम विवाह किया था'
आपको बता दें कि प्रोमिला सिंह, अकेले जीवन व्यतीत कर रही हैं, उनका उनके पति से पहले ही तलाक हो चुका था। उनके बेटे निशांत ने अपनी बचपन की दोस्त नायाब रंधावा से प्रेम विवाह किया था।
शादी के 4 महीने बाद ही निशांत सिंह शहीद हो गए
लेकिन इन दोनों की शादी के 4 महीने बाद ही निशांत सिंह शहीद हो गए। आपको बता दें कि शहीद निशांत सिंह की पत्नी को 80,000 रु महीना पेंशन मिलती है लेकिन उसका एक भी अंश मां प्रोमिला को नहीं मिलता है।
वो बस अपना हक मांग रही है, क्या ये नाइंसाफी नहीं है?'
उन्होंने ये भी कहा था कि 'वो इस बारे में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भी मिली थीं, उन्होंने मुझसे कहा था कि वो इस बारे में कुछ करेंगे लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। वो बस अपना हक मांग रही है, क्या ये एक मां के साथ नाइंसाफी नहीं है?'
'मां मेरे रहते आपको किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होगी'
प्रोमिला सिंह ने रोते हुए कहा कि 'जब मेरा तलाक हो रहा था तो निशांत ने सीधे तौर पर मुझे मेरे पति से गुजारा भत्ता लेने से मना कर दिया था। कहता था कि मां मेरे रहते आपको किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होगी लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा ही मेरे पास नहीं रहेगा।' उन्होंने मांग की है कि बेटे के पेंशन का 50 प्रतिशत हिस्सा मां को भी मिलना चाहिए।
कौन थे शहीद कमांडर निशांत?
आपको बता दें कि शहीद कमांडर निशांत के पिता यशवीर सिंह भी नौसेना कमांडर थे। निशांत ने विशाखापत्तनम के नेवी स्कूल से पढ़ाई की थी। 22 साल की उम्र में वो नौसेना में शामिल हुए थे। नवबंर 2020 में मिग-29के क्रैश के दौरान ट्रेनी पायलट को बचाते हुए वो शहीद हुए थे, उनके बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत नौसेना पदक से नवाजा गया था।












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