ना-नकुर के बाद आखिर अमरिंदर सिंह ने की अमित शाह से मुलाकात, बीजेपी में जाने की अटकलें
नई दिल्ली, 29 सितंबर: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज (29 सितंबर) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। शाम करीब छह बजे अमरिंदर सिंह दिल्ली में अमित शाह के घर पर पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद मंगलवार को अमरिंदर सिंह दिल्ली आए थे। इसके बाद से ही उनके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने की चर्चा थी। आज उन्होंने अमित शाह से मुलाकात की है।

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मंगलवार को अमरिंदर सिंह के दिल्ली आने से पहले मीडिया में ये खबर आ गई थी कि वो यहां अमित शाह से मुलाकात करेंगे। हालांकि जब वो दिल्ली पहुंचे तो मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया उनका कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। अपने आने का मकसद बताते हुए उन्हंने कहा, यहां मैं सीएम को मिला घर खाली करने आया हूं, घर से अपना सामान इकट्ठा करूंगा और पंजाब लौट जाऊंगा। यहां मैं किसी भी राजनीतिक नेता से नहीं मिलूंगा। कैप्टन के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने भी मंगवार को कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के दिल्ली दौरे के बारे में बहुत कुछ कहा रहा है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि वह व्यक्तिगत यात्रा पर हैं, इस दौरान वह कुछ दोस्तों से मिलेंगे और नए सीएम के लिए कपूरथला हाउस भी खाली करेंगे। उनकी यात्रा को लेकर बेकार की अटकलों की जरूरत नहीं है। हांलांकि ये अटकलें सही साबित हुईं जब आज शाम वो अमित शाह से मिलने पहुंच गए।
सीएम पद छोड़ने के बाद पहली बार आए हैं दिल्ली
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नौ दिन पहले 19 सितंबर को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद वो पहली बार दिल्ली आए हैं। इस्तीफे के बाद कैप्टन ने कांग्रेस आलाकमान और नवजोत सिद्धू को लगातार निशाने पर लिया है। पार्टी आलाकमान पर उन्होंने अपना अपमान करने का आरोप लगाया है। वहीं सिद्धू को उन्होंने पाकिस्तान का करीबी बताते हुए देश की सुरक्षा के लिए खतरा तक कह दिया है। अमरिंदर की ओर से सिद्धू को 2022 के विधानसभा चुनाव में हराने के लिए अपना उम्मीदवार उतारने की भी घोषणा हो चुकी है। उन्होंने कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री बनने से रोकने लिए वो पूरा मुकाबला करेंगे और देश को ऐसे खतरनाक आदमी से बचाने के लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं। कैप्टन के इन बयानों के उनके अलग पार्टी बनाने या भाजपा के करीब जाने की चर्चाएं जोरो पर हैं।












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