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जेल में बंद राम रहीम इस बार किसे देने जा रहा है डेरा का समर्थन?

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नई दिल्ली- पंजाब और हरियाणा के पॉलिटिकल सर्किल में इस बात पर चर्चा शुरू है कि इसबार डेरा किस पार्टी की मदद करेगा। डेरा चीफ अभी जेल में सजा काट रहा है, लेकिन लाखों फॉलोअर्स पर अभी भी उसका इतना दबदबा है कि वो दोनों राज्यों की कई सीटों के नतीजे को किसी के हक में या खिलाफ में मोड़ सकता है। डेरा चीफ के जेल में होने के बावजूद उसके डेरे पर अभी भी फॉलोअर्स की भीड़ जुटी रहती और वहां राजनीतिक माहौल पर चर्चा होने की भी खबरें हैं। ये भी जानकारियां हैं कि डेरा चलाने वाले लोग बाकायदा अनुयायियों से वोटिंग को लेकर रायशुमारी भी करने लगे हैं। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि गुरमीत की गैर-मौजूदगी के बावजूद चुनावों को लेकर डेरे में जो कुछ चल रहा है, उसके चुनावी मायने क्या हैं?

इतनी सीटों पर बदल सकता है नतीजे

इतनी सीटों पर बदल सकता है नतीजे

हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव हरियाणा और पंजाब के बड़े इलाके और लाखों आबादी पर है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेरा समर्थक इन दोनों राज्यों की कम से कम आधा दर्जन सीटों पर नतीजे प्रभावित करने की ताकत रखते हैं। डेरा के लोगों का दावा है कि पंजाब में भी उसके 40 से 42 लाख अनुयायी हैं, जो चुनावों को प्रभावित करने की ताकत रखते हैं। जब तक डेरा चीफ गुरमीत राम रहीम बाहर था, चुनावों से पहले डेरे पर नेताओं और उम्मीदवारों का तांता लगता था। उन्हें उम्मीद होती थी कि गुरमीत के एक कमांड पर लाखों वोट उनके पक्ष में आ सकते हैं।

पिछले चुनावों में किसकी मदद की थी?

पिछले चुनावों में किसकी मदद की थी?

2014 के लोकसभा चुनाव में डेरा ने बीजेपी के समर्थन की घोषणा की थी। उसी साल बाद में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी डेरा ने भाजपा का ही सपोर्ट किया था। दो हफ्ते पहले ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उम्मीद जताई थी कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को डेरा का सहयोग मिलेगा। गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद भड़के दंगे को जिस तरह से खट्टर सरकार ने काबू किया था, उसके चलते उसकी काफी आलोचना हुई थी। तब डेरा समर्थकों के उपद्रव को शांत करने के लिए हुई कार्रवाई में राम रहीम के 42 समर्थक मारे गए थे। वैसे 2007 के विधानसभा चुनाव में डेरा ने खुलकर कांग्रेस की मदद की थी। दिलचस्प बात ये भी है कि राम रहीम के बेटे की शादी भी पंजाब के एक पूर्व कांग्रेसी एमएलए हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी के साथ ही हुई है।

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डेरा में क्या चल रही है तैयारी?

डेरा में क्या चल रही है तैयारी?

इसबार भी डेरा में राम रहीम के अनुयायियों के बीच लोकसभा चुनाव के मुद्दे पर चर्चा शुरू कर दी गई है। डेरा प्रमुख की गैर-मौजूदगी में डेरा के पॉलिटिकल विंग संभाल रहे राम सिंह इसको लेकर एक मुहिम चला रहा है और डेरा समर्थकों में आम राय बनाने की कोशिश की जा रही है। राम सिंह ने बताया कि,"कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने हमसे बात की है, लेकिन हमने अभी तक किसी को भी कोई आश्वासन नहीं दिया है। हमनें साफ कर दिया है कि डेरा फॉलोअर्स एकजुट हैं और उनमें चुनाव परिणामों को मोड़ने की क्षमता है।" उसने ये भी कहा है कि 29 अप्रैल को डेरा की स्थापना दिवस पर सिरसा में एक बड़ी सभा होनी है, जिसमें डेरा फॉलोअर्स आपसी रजामंदी से किसी पार्टी या उम्मीदवार को समर्थन देने पर आम सहमति बनाएंगे।

डेरा पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप

डेरा पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप

डेरा में चुनावों को लेकर जो गतिविधियां चल रही हैं, उसके खिलाफ कुछ लोग चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने की भी सोच रहे हैं। इसमें पत्रकार राम चंदर छत्रपति का बेटे अंशुल भी हैं, जिनकी 2002 में हत्या कर दी गई थी और इस मामले में गुरमीत उम्रकैद भी काट रहा है। इससे पहले पटियाला का रहने वाला एक डेरा फॉलोअर राम रहीम समेत डेरे के पॉलिटिकल विंग के खिलाफ निष्पक्ष चुनाव प्रभावित करने की कोशिश को लेकर चुनाव आयोग तक जा चुका है।

कई केस में सजा काट रहा है राम रहीम

कई केस में सजा काट रहा है राम रहीम

2017 के अगस्त में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 2 महिला फॉलोअर्स से रेप के मामले में दोषी करा देते हुए 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इस साल जनवरी में सीबीआई कोर्ट ने भी इसे 2002 में एक पत्रकार राम चंदर छत्रपति की हत्या का दोषी माना था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अगस्त, 2017 में डेरा चीफ को सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा समेत आसपास के कई इलाकों में उसके समर्थकों पर भारी उपद्रव किया था, जिसे कंट्रोल करने के लिए हुई कार्रवाई में कई डेरा समर्थक मारे गए थे और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ था।

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English summary
Can this man in jail swing Lok Sabha polls in two states?
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