CAA Protest: रामचंद्र गुहा बोले- असली 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' दिल्ली में बैठा है
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नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ गुरुवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान प्रदर्शन करने वाले दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया और कुछ स्थानों पर धारा 144 लागू थी। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी इस एक्ट के खिलाफ इतिहासकार और लेखक रामचंद्र गुहा ने अपना विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया।

असली बंटवारा करने वाले दिल्ली में बैठे हैं- रामचंद्र गुहा
संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर रामचंद्र गुहा ने कहा कि असली 'टुकडे़-टुकडे़ गैंग' दिल्ली में बैठे भारत के शासक हैं। वे असली बंटवारा करने वाले लोग हैं। वे लोग देश को ना केवल धर्म बल्कि भाषा के आधार पर भी बांट रहे हैं और हम उनका अहिंसक तरीके से विरोध करेंगे। रामचंद्र गुहा को गुरुवार को संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करने के कारण हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लिए जाने पर उन्होंने कहा कि वे धारा 144 का उल्लंघन नहीं कर रहे थे।

धारा 144 लगाना गलत था- गुहा
गुहा ने कहा, 'धारा 144 लगाने का कोई मतलब नहीं था, ये बहुत ही अतिवादी फैसला है जो मुझे लगता है दिल्ली से आया था। दिल्ली से आदेश आ रहा है कि बेंगलुरु को क्या करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि धारा 144 औपनिवेशिक युग का कानून था और इसका इस्तेमाल हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के अहिंसक संघर्ष को कुचलने के लिए किया गया था। रामचंद्र गुहा ने कहा कि उनको हिरासत में लेना गैरकानूनी था। गुहा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हम किस तरह का लोकतंत्र बनते जा रहे हैं।

गुहा ने पीएम मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना
गुहा ने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए उनको बुरा लग रहा है क्योंकि वे तो केवल आदेश का पालन कर रहे थे और अपना काम कर रहे थे। इलाके में धारा 144 लगाने की जरूरत ही नहीं थी। पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए रामचंद्र गुहा ने कहा कि शाह-मोदी की जोड़ी जो ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है, वह हमें अपने संस्थापकों की नजरों में ही नहीं बल्कि दुनिया के सामने भी शर्मसार कर रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भी हिंदू थे लेकिन उनमें अपने धर्म को लेकर हठधर्मिता नहीं थी, वे भारतीय थे लेकिन दुनिया से सीखने की उनकी इच्छा रहती थी।












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