हिजबुल कमांडर बुरहान वानी का एनकाउंटर करने वाले तीन जवानों को सेना मेडल
सेना मेडल मिलने के बाद दक्षिण कश्मीर में स्थित राष्ट्रीय राइफल्स की यूनिट में खुशी का माहौल है। जवानों को लगातार बधाईयां मिल रही हैं।
नई दिल्ली। बीते साल 8 जुलाई को अनंतनाग के पास एक गांव में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी और उसके साथियों का एनकाउंटर करने वाले राष्ट्रीय राइफल्स की टीम को आज सेना मेडल से नवाजा गया है। मेजर संदीप कुमार, कैप्टन माणिक शर्मा और नायक अरविंद सिंह चौहान को हिजबुल कमांडर और उसके साथियों का एनकाउंटर करने के लिए पुरस्कार दिया गया है। टीम में तीन लोग शामिल थे, टीम का नेतृत्व मेजर संदीप कुमार ने किया था।

8 जुलाई को गांव में आतंकियों के होने की सूचना पर मेजर कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे थे। जहां गांव वालों के विरोध और आतंकियों की गोलीबारी का सामना करते हुए उन्होंने आतंकियों को मार गिराया था। गांव वालों ने सेना पर पथराव भी किया था, जिसे मेजर कुमार ने स्थानीय इमाम की मदद से रोका था। एनकाउंटर के बाद आतंकियों के शवों की शनाख्त होने पर पता चला था कि मरने वालों में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी भी शामिल था। बुरहान पर सरकार ने 10 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की हुई थी। सेना मेडल मिलने के बाद दक्षिण कश्मीर में स्थित राष्ट्रीय राइफल्स की यूनिट में खुशी का माहौल है। जवानों को लगातार बधाईयां मिल रही हैं।
बुरहान की मौत के बाद घाटी में भड़की थी हिंसा
आपको बता दें कि 8 जुलाई को मुठभेड़ में बुरहान के मारे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर सूबे में भारत-विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए और चार महीने से ज्यादा समय तक लगातार हिंसा और विरोध प्रदर्शन होते रहे। इसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए। पैलेट गन की गोलियां लगने से हजारों लोगों के आंखों की रोशनी चले जाने के मामले भी इस दौरान सामने आए। चार महीने के कर्फ्यू के बाद पिछले कुछ समय धीरे-धीरे से घाटी में हालात ठीक हो रहे हैं।












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