बुराड़ी कांड: किन्‍नर गुड्डी ने खोला 11 मौतों का सबसे बड़ा राज, बताई आत्‍मा और मरघट बाबा की बात

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      Burari Case : Bhatia Family से जुड़ी Kinnar Guddi ने खोला चौंकाने वाला सबसे बड़ा राज |वनइंडिया हिंदी

      नई दिल्‍ली। दिल्‍ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों को एक साथ फांसी लगाकर मरे 11 दिन पूरे हो चुके हैं। पुलिस अब तक किसी अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच पाई है। हर दिन कुछ न कुछ नया खुलासा हो रहा है और मौत के कारणों पर रहस्‍य बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में एक किन्‍नर ने कुछ राज बताए हैं जो इसे सुलझाने में मददगार साबित हो सकता है। किन्‍नर का नाम गुड्डी यादव है और उसने एबीपी न्‍यूज खास बातचीत की है। किन्‍नर गुड्डी को इस बात का अफसोस है कि उसने भाटिया परिवार को फांसी पर लटकने से बचा नहीं पाई। वहीं दूसरी तरफ वही किन्‍नर पूरे इलाके में प्रसाद बांट रही है। आइए आपको विस्‍तार से बताते हैं क्‍या है बुराड़ी कांड में किन्‍नर गुड्डी का कनेक्‍शन और कौन-कौन से राज उसके कलेजे में है दफन।

      सबसे पहले जान लीजिए क्‍या है भाटिया परिवार से किन्‍नर गुड्डी का कनेक्‍शन

      सबसे पहले जान लीजिए क्‍या है भाटिया परिवार से किन्‍नर गुड्डी का कनेक्‍शन

      किन्‍नर गुड्डी यादव इलाके के किन्‍नर समाज की मुखिया है। वो हर मौके पर भाटिया परिवार के यहां जाती थी। टोना टोटका पर यकीन रखने वाले भाटिया परिवार को गुड्डी प्रसाद देती थी। वो हर मंगलवार को मरघट बाबा के मजार पर जाती थी और वहां से प्रसाद लेकर आती थी। गुड्डी ऐसा ललित भाटिया की मां नारायणी देवी के कहने पर कर रही है।

      किन्‍नर गुड्डी ने बताए बड़े राज

      किन्‍नर गुड्डी ने बताए बड़े राज

      किन्‍नर गुड्डी ने बताया कि ललित के पिता के देहांत के बाद नारायणी देवी को ऐसा लगता था कि ललित के उपर पिता की आत्‍मा है। गुड्डी ने बताया कि नारायणी देवी चाहती थीं कि ललित ठीक हो जाए और इसके लिए उन्‍होंने झाड़-फूंक की बात की थी। गुड्डी ने यह भी बताया कि प्रियंका की शादी के लिए भी नारायणी देवी ने दुआ मांगने के लिए कहा था और घर में चावल के छींटे करवाए थे।

      परिवार के रजिस्टर में कहा गया, वे अगली दीवाली नहीं देख सकेंगे

      परिवार के रजिस्टर में कहा गया, वे अगली दीवाली नहीं देख सकेंगे

      परिवार से प्राप्त रजिस्टर में ‘भटकती आत्मा' का जिक्र है। उसमें साथ ही आशंका जाहिर की गई है कि परिवार अगली दीवाली नहीं देख सकेगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से एक ललित के शरीर में कथित तौर पर उसके पिता की आत्मा आती थी और इसके बाद वह अपने पिता की तरह हरकतें करता था और नोट लिखवाया करता था। रजिस्टर में 11 नवंबर , 2017 की तारीख में ललित ने परिवार के ‘कुछ हासिल' करने में विफल रहने के लिए ‘किसी की गलती' का जिक्र किया है। उसमें कहा गया है, "धनतेरस आकर चली गयी। किसी की पुरानी गलती की वजह से कुछ प्राप्ति से दूर हो। अगली दीवाली न मना सको। चेतावनी को नजरंदाज करने की बजाय गौर किया करो।"

      मृतकों की पहचान

      मृतकों की पहचान

      मृतकों की पहचान नारायण देवी (77), उनकी बेटी प्रतिभा (57) और दो बेटे भावनेश (50) और ललित भाटिया (45) के रूप में हुई है। भावनेश की पत्नी सविता (48) और उनके तीन बच्चे मीनू (23), निधि (25) और ध्रुव (15), ललित भाटिया की पत्नी टीना (42) और उनका 15 वर्ष का बेटा शिवम , प्रतिभा की बेटी प्रियंका (33) भी मृत मिले। प्रियंका की पिछले महीने ही सगाई हुई थी और इस साल के अंत तक उसकी शादी होनी थी।

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      English summary
      Burari deaths: Kinnar Guddi Yadav reveals shocking facts about Lalit Bhatia and his family.

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