रक्षाबंधन पर बहनों को मिला भाइयों से अनोखा तोहफा
अजमेर। राजस्थान के अजमेर और उदयपुर के कुछ गांवों में बहनों को रक्षाबंधन पर इस बार भाइयों की ओर से अनोखा तोहफा मिला है। कुछ भाइयों के ऐसा करने के बाद गांव के अन्य लोगों ने भी अपनी बहन को ऐसा तोहफा देने की ठान ली है।

दरअसल, प्राइवेट फर्म में काम करने वाले 35 वर्षीय प्रेम चंद्र शर्मा ने रक्षाबंधन के मौके पर नागौर के रोहिणी गांव स्थित अपनी बहन के ससुराल में उसके लिए शौचालय निर्मित कराया है।
साथ ही उन्होंने इस बात का संकल्प भी लिया है कि वे आने वाले 6 सालों में अपनी बाकी 6 बहनों के लिए शौचालय का निर्माण कराएंगे।
पीएम मोदी से हुआ प्रभावित
शर्मा बताते हैं कि 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित हुआ और नागौर के जिला कलेक्टर ने भी भी गांव में शौचालय बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इन शौचालयों को बनाने पर हमें 12,000 रुपए की सहायता धनराशि भी मिली। '
शर्मा आगे बताते हैं कि 'मुझे वाकई बहुत बुरा लगता था जब मैं अपनी बहनों को शौच के लिए बाहर जाते हुए देखता था। हमारे गांव में औरतें शौच करने के लिए पौ फटने का इंतजार करती हैं। मैंने अपनी एक शादीशुदा बहन को शौचालय गिफ्ट किया है। बाकी 6 बहनों को भी यह तोहफा दूंगा।'
मैं बहुत अमीर नहीं हूं
शर्मा ने यह भी कहा कि ' मैं बहुत अमीर नहीं हूं लेकिन मैं जब अपनी बेटी को शौच के लिए बाहर जाते हुए देखता हूं तो मुझे दुःख होता है।'
उन्होंने कहा 'जब मेरे बहन के ससुराल वालों ने देखा कि उसके भाई ने रक्षाबंधन पर यह अनोखा तोहफा दिया है तो उसकी इज्जत ससुराल में और भी बढ़ गई।'
शर्मा ने बताया कि 'शौचालय में गीजर की सुविधा भी है और पूरे शौचालय को बनाने में 92,000 रुपए लग हैं।'
उदयपुर में भी जली है अलख
वहीं उदयपुर के भालों-का-गुडा गांव में भी कई बहनों के लिए इस बार का रक्षाबंधन यादगार रहा।
यहां तो भाईयों ने प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर किया है कि 2 अक्टूबर से पहले वो अपनी बहनों को शौचालय की सुविधा उपल्बध कराएंगे ताकि उन्हें शौच के लिए बाहर न जाना पड़े।
उदयपुर के कलेक्टर रोहित गुप्ता ने बताया कि 7 लोगों ने प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर किया है कि वे अपनी बहनों के लिए शौचालय बनवाएंगे।












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