बुंदेलखंड में धड़ल्ले से खरीदी-बेची जा रही हैं 'कागजी दुल्हनें', स्टाम्प पेपर पर हो जाती है शादी
टीकमगढ़। ''कागजी दुल्हन'', आपको यह शब्द सुनकर आश्चर्य जरूर होगा लेकिन यह सच है। जी हां यह सच्चाई है उस बुंदेलखण्ड की जंहा लगातार भ्रूण हत्या के चलते महिलाओं का अनुपात गिर रहा है। बात अगर बुंदेलखण्ड के झांसी, ललितपुर, जालोन, टीकमगढ़, छतरपुर, और पन्ना की करें तो यहां 1 हजार पुरुषों पर 825 महिलाएं हैं। ऐसे में अपने वंश को चलाने के लिये बुंदेलखण्ड के युवा उड़ीसा जैसा गरीब राज्य की लड़कियों की खरीद फरोख्त करते हैं।

इसी खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक ताजा मामला टीकमगढ़ में सामने आया है। पुलिस ने एक महिला को बरामद किया है जिसका नाम रस्मिता है। रस्मिता ने पुलिस को जुल्म की जो दास्तां सुनाई है वो रौंगटे खड़े करने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि आज से दो साल पहले उसे दलाल के माध्यम से गांव कजनापुरा जिला नयागढ़, उड़ीसा से टीकमगढ़ जिले के जेरोन लाया गया था। यहां लखन यादव से 60 हजार रुपये लेकर दलालों ने उसकी शादी करा दी थी।
एक साल बाद रस्मिता अचानक गायब हो गई। लखन यादव की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जब छानबीन किया तो वो निवौरा गांव से बरामद की गई क्योंकि दलालों ने इस महिला को दूसरी जगह बेच दिया था।
100 रुपए की स्टाम्प पर हो जाती है शादी
बुन्देलखण्ड मे यह कोई पहला मामला नही है। इसके पहले भी कई मामले सामने आते रहे हैं। दलालों के माध्यम से उड़ीसा से बुन्देलखण्ड पहुंची इन महिलाओं की शादी 100 रुपयें के स्टाम्प पर करा दी जाती है। यह इकरारनामा कानूनी रूप से वैध्य नही होता है।
टीकमगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता मानवेन्द्र सिंह कहते हैं कि इस तरह की शादी का हिन्दु विवाह अधिनियम मे कोई जगह नही है क्योंकि स्टाम्प पर की गई शादी में पत्नी का पति की चल और अचल सम्पत्ति पर कोई अधिकार नही होता है।
बुंदेलखण्ड में है दलालों की भरमार
पूरे बुंदेलखण्ड में लड़की खरीदने-बेचने वाले दलालों की भरमार है। इनका नेटवर्क गांव-गांव तक जुड़ा होता है। शादी की चाह रखने वाले लोग इन दलालों के माध्यम से लडकियों की खरीद फरोख्त करते हैं। यहां तक की जब मन भर जाता है तो एक लडकी कई जगह बेच दी जाती है। विरोध करने पर लड़की को तमाम यातनाएं भी दी जाती हैं।












Click it and Unblock the Notifications