• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सीमा विवाद: BSF डीजी एसएस देसवाल बोले- देश की जमीन पर नहीं है कोई विदेशी ताकत

|

नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है हालांकि चीन ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। भारत की धरती पर चीनी सेनाओं के बैठे होने खबरों को खरिज करते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक एस एस देसवाल ने कहा, भारत की जितनी जमीन है वह हमारे पास है। एक प्रेसवार्ता के दौरान एस एस देसवाल ने भारतीय धरती पर चीन के कब्जे के दावे को नकार दिया है। बता दें कि भारत-चीन के बाद सीमा पर तनाव को लेकर विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने जानकारी दी थी कि सीमा पर डिसएंगेजमेंट और डी-एस्‍केलेशन प्रोसेस पर सहमति बनी है और यह अभी शुरू ही हुआ है।

चीन के ‘जीन’ में है विस्तारवाद , उसकी जमीन हड़पो नीति से भारत समेत दुनिया के 23 देश परेशान

Border dispute BSF DG SS Deswal said We have land of our country

इसी बीच विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि चीन ने भारत के कई वर्ग किलोमीटर वाले हिस्से पर कब्जा कर लिया है। गौतलब है कि 15 जून को पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटन में भारत-चीन के बीच हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है और सीमा पर चीन को पीछे धकलने के लिए सैन्य स्तर पर बातचीत का दौर जारी है। सीमा पर गतिरोध को लेकर पहली बार बीएसएफ के महानिदेशक एस एस देसवाल ने खुलकर बात की है।

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत-चीन गतिरोध पर एस एस देसवाल ने एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा, हमारे देश का जितना भी लैंड है वो हमारे पास है। हालांकि उन्होंने अपने बयान में यह साफ नहीं किया कि चीनी सेना पीछे हटी है या नहीं।

भारत-चीन सीमा विवाद पर बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर- दोनों देशों में बनी डी-एस्केलेशन प्रक्रिया पर सहमति

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Border dispute BSF DG SS Deswal said We have land of our country
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more