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लोगों को लगता है, भारत में सिर्फ रेप और अपराध ही होते हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

By Ankur Singh
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    मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को देश के हालात पर बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि देश में कोई भी संस्था यहां तक की न्यायपालिका भी सुरक्षित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि देश के बाहर भारत की छवि रेप और अपराध की बनकर रह गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट की बेंच के जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस भारती एच डांगरे ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बेंच ने नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पंसारे की हत्या के मामले में दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि सेक्युलर लोग देश में सुरक्षित नहीं है, लेखक, समाज सुधारक की जिंदगी सुरक्षित नहीं है।

    bombay high court

    न्यायपालिका भी सुरक्षित नहीं

    जस्टिस धर्माधिकारी ने कहा कि किसी भी संस्था पर हमला किया जा सकता है, न्यायपालिका पर भी, कोई भी अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी हमारे देश में सांस्कृति और शैक्षिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनना चाहती है। देश के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है। देश के बाहर भारत की जो छवि बन रही है वह देश के लिए शर्मिंदगी भरा है, लोगों को ऐसा लगता है कि भारत में रेप और अपराध ही होता है। आपको बता दें कि दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 में हत्या कर दी गई थी, जबकि पंसारे को 16 फरवरी 2015 में कोल्हापुर में मार दिया गया था।

    आरोपियों की पकड़ा जाए

    इस मामले में चल रही जांच के बारे में कोर्ट ने कहा कि हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अन्य मामलों की तरह यह मामला भी चलेगा और आरोपी दो दशक बाद वापस आएंगे ,जैसे बम ब्लास्ट वाले मामले में आए। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी काफी समय बाद इसलिए आते हैं क्योंकि वह थक चुके होते हैं और वह शरण चाहते हैं, क्योंकि उन्हे अपने जीवन का खतरा रहता है। सीआईडी के वकील अशोक मुंदर्गी ने कहा कि जांच अधिकारी आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को वैज्ञानिक तरीके से ही पकड़ा जा सकता है, उनके फोन रिकॉर्ड, सहित तमाम सबूतों के आधार पर उनकी तलाश चल रही है।

    एक्सपर्ट की मदद लें

    कोर्ट ने जब मुंदर्गी से पूछा कि क्या कोई रास्ता है, तो उन्होंने कहा कि हां बेहतर विकल्प हो सकते हैं और जांच एजेंसी इसपर काम कर रही है। जिसपर कोर्ट ने कहा कि हमे आरोपियों से बेहतर होना है। कोर्ट ने कहा कि विदेश में लोगों की भारत के खिलाफ छवि अच्छी नहीं है, उन्हें लगता है कि यहां अपराध और बलात्कार के अलावा कुछ नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि जांज एजेंसी इस मामले में एक्सपर्ट की मदद ले सकती हैं।

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    English summary
    Bombay court says secular people are not safe in India image of country in abroad is not good.

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