• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

ब्लैक फंगस से किसको है अधिक खतरा, लक्षण क्या हैं और इंफेक्शन के बाद क्या करें, AIIMS ने बताया सबकुछ

|
Google Oneindia News

नई दिल्ली, 20 मई: भारत में कोरोना वायरस की कहर के साथ-साथ म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस इंफेक्शन का भी खतरा बढ़ता जा रहा है। देश भर के कई राज्यों से कोविड-19 से ठीक होने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस का संक्रमण और इससे हुई मौतों के मामले सामने आ रहे हैं। अकेले महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस इंफेक्शन से अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है और वर्तमान में 1500 मरीज इससे संक्रमित हैं। जबकि राजस्थान में ब्लैक फंगस संक्रमण के 100 से अधिक मामले हैं। एम्स ने म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का पता लगाने, लक्षण और देखभाल के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना वायरस के पहले भी फंगल इन्फेक्शन देखा गया था लेकिन ये बहुत ही रेयर था। ये उन लोगों में दिखता है जिनका शुगर बहुत ज्यादा हो, डायबिटीज अनकंट्रोल है, इम्युनिटी बहुत कम है या कैंसर के ऐसे पेशंट्स हैं जो कीमोथैरपी पर हैं। डॉ गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान इसके केस बहुत देखने को मिल रहे हैं। इसका एक सबसे बड़ा कारण है कोविड के मरीजों पर स्टेरॉयड्स का ज्यादा इस्तेमाल करना।

    Black Fungus को लेकर AIIMS की गाइडलाइंस, जानें कैसे करें ब्लैक फंगस की पहचान | वनइंडिया हिंदी
    Black Fungus mucomycosis

    ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) को लेकर एम्स ने क्या गाइडलाइन दिए हैं?

    ब्लैक फंगस से किसको है सहसे ज्यादा खतरा?

    1. एम्स ने कहा है कि अनकंट्रोल डायबिटीज के मरीज, डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के मरीज, डायबिटीज के मरीजों या अन्य मरीजों पर स्टेरॉयड्स का ज्यादा इस्तेमाल करने वालो को ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) का ज्यादा खतरा होता है।

    2. इम्यूनोसप्रेसेन्ट या कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों, या किसी पुरानी बीमारी के रोगियों को भी ब्लैक फंगस होने का चांस होता है।

    3.मरीजों पर स्टेरॉयड्स का ज्यादा इस्तेमाल करना, या उनको स्टेरॉयड्स ज्यादा देने से भी ब्लैक फंगस का खतरा होता है।

    4. टोसिलिजुमैब इंजेक्शन का मरीजों पर ज्यादा इस्तेमाल करना पर भी ब्लैक फंगस का खतरा होता है।

    5.कोरोना के मरीज, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं या फिर वेंटिलेटर सपोर्चट पर हैं, उन्हें ब्लैक फंगस होने के चांस हैं।

    एम्स ने डॉक्टरों ने विशेष रूप से नेत्र रोग विशेषज्ञों को सलाह दी है कि वे ब्लैक फंगस संक्रमण के जोखिम वाले रोगियों को छुट्टी के बाद भी डॉक्टरों के साथ नियमित जांच करने की सलाह दें।

    ब्लैक फंगस /म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण क्या हैं?

    1. नाक से असामान्य काला स्राव या खून का आना। या फिर नाक में पपड़ी पड़ना या सूखना।

    2. नाक बंद होना, सिरदर्द या आंखों में दर्द, आंखों के चारों ओर सूजन,चीजे दोहरी दिखवना, आंखों का लाल होना, आंखों की रौशनी चले जाना, आंख बंद करने में कठिनाई, आंख खोलने में असमर्थता, आंख में होने वाले कोई भी बदलाव।

    3. चेहरे का सुन्न होना या झुनझुनी महसूस करना या फिर चेहर में सूजन हो जाना।

    4. मुंह से खाना चबाने या खोलने में कठिनाई होना

    ब्लैक फंगस का इसका पता कैसे लगाएं?

    1. एम्स ने कहा है कि ब्लैक फंगस का पता लगाने के लिए आप घर में चेहरे में हलचल करें। जैसे मुंह खोलना, लंबी-लंबी सांस लेना इत्यादी। दिन के उजाले में नाक, गाल, आंख के आसपास अच्छे से देखें, कि कोई बदलाव तो नहीं दिख रहा है। जैसे त्वचा का सूजना, लाल हो जाना, छूने पर दर्द होना, नाक से खून आना इत्यादी। यानी हर दिन पूरे चेहरे में होने वाले बदलाव पर आपको नजर रखनी है।

    2. दांतों का ढीला होना, मुंह में काले दाग दिखना, तालू, दांत या नाक के अंदर सूजन से भी आप पता लगा सकते हैं। आंखों की रौशनी कम होना। अगर आपको इन सब में से कोई भी लक्षण दिखे तो आप फौरन डॉक्टर से सलाह लें।

    ये भी पढ़ें- जानें क्या होता है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंग्स का इंफेक्शनये भी पढ़ें- जानें क्या होता है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंग्स का इंफेक्शन

    ब्लैक फंगस /म्यूकरमाइकोसिस होने के बाद क्या करें?

    1. एम्स ने कहा है कि ब्लैक फंगस /म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण दिखने के बाद ईएनटी डॉक्टर, नेत्र रोग विशेषज्ञ, या रोगी का इलाज करने वाले डॉक्टर से तत्काल परामर्श करें।

    2. नियमित इलाज करवाएं और उसका फॉलोअप करते रहें। डायबिटीज के मरीज शूगर को कंट्रोल रखें और बार-बार इसकी जांच करते रहें। शूगर लेवल ज्यादा नहीं होना चाहिए।

    3. नियमित तौर पर दवाएं खाएं और बाकी दिशा-निर्दशों का भी पालन करें।

    4. स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक्स या एंटिफंगल दवाओं का खुद से सेवन ना करें। किसी भी स्थिति में इसको डॉक्टर से दिखाकर ही लें।

    5. एमआरआई या सीटी स्कैन भी डॉक्टर की सलाह पर करवाएं।

    English summary
    mucomycosis: Black Fungus Infection Symptoms Treatment all You need to know AIIMS issues new guidelines
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X