भाजपा में रहना है तो पप्पू को भी पास होना पड़ेगा

अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली भाजपा पार्टी अब उत्तरप्रदेश में अपने नेताओं को जमीनी स्तर के लिए तैयार करना चाहती है। केन्द्र की सत्ता में आने के बाद उत्तरप्रदेश में सक्रिय हुी भाजपा अब अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं का ज्ञान जांचेगी। पार्टी परखेगी कि भाजपा का चिन्ह लेकर चलने वाले भाजपा कार्यकर्ता और नेता अपनी नीतियों से कितना परिचित हैं। और इसके लिए बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग की कवायद भी शुरु हो गई है।
ट्रेनिंग के बाद इग्जाम की बारी
अपनी नीतियों के लिए जाने जानी वाली भाजपा सरकार अपने नेताओं को सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं देगी। बल्कि ट्रेनिंग के बाद उनकी लिखित या मौखिक परीक्षा भी ली जाएगी। इस परीक्षा में यह जांचा जाएगा कि नेता पार्टी की विचारधारा और अपनी नीतियों से कितना वाकिफ हैं।
पिछले दिनों उत्तरप्रदेश के क्षेत्रीय पदाधिकारियों की प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में तय हुआ था कि पूरे राज्य में कार्यकर्ताओं के लिए अभ्यास क्लासेस लगाए जाएंगे। कानपुर में यह क्लास शनिवार से शुरु हो जाएंगे। जिसमें 423 कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।
इनमें सात विधानसभा क्षेत्रों के विधायक से लेकर प्रत्याशी, पदाधिकारी, पार्षद और पूर्व मेयर तक शामिल होंगे। दो दिनों की क्लास के बाद रविवार को 20 प्रश्नों की लिखित परीक्षा होगी। जिसके बाद पता चल पाएगा कि कार्यकर्ताओं और नेताओं में से कौन कितने पानी में है।
मिशन 2017 यूपी विधानसभा चुनाव
माना जा रहा है उत्तरप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने यह कदम उठाया है। लोकसभा चुनाव में मोदी की वजह से यूपी में पार्टी की लहर बनी और 80 में से 71 सीटें अपने ही दम पर जीत लीं। लेकिन अब भाजपा अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए समग्र रूप से तैयार करना चाहती है। बहरहाल, भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को फिलहाल पढ़ाई पर ध्यान देना ही उचित रहेगा। क्योंकि भाजपा में रहना है तो पप्पू को पास होना ही पड़ेगा।












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