महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना दोस्ती टूटने की कगार पर
मुंबई। महाराष्ट्र में पिछले कई वर्षों से चली आ रही बीजेपी-शिवसेना की दोस्ती जल्द ही टूट सकती है। आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सीटों की साझेदारी लेकर शिवसेना-भाजपा गठबंधन में तनाव और गहरा गया।

बीजेपी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस बयान को खारिज कर दिया कि भगवा की जीत की स्थिति में शीर्ष पद शिवसेना के पास जाएगा और वह यह पद ग्रहण करने के विरुद्ध नहीं हैं।
उद्धव से नाराज बीजेपी
बीजेपी की शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के उस सार्वजनिक बयान से त्यौरियां चढ़ गई जिसमें उन्होंने कहा था कि 15 अक्तूबर को होने वाले चुनाव में यदि भगवा गठबंधन सत्ता में आया तो महाराष्ट्र में शिवसेना का ही मुख्यमंत्री बनेगा।
उद्धव ने कहा था कि यह लोगों को तय करना है कि क्या वह मुझ पर भरोसा करते हैं। वे तय करेंगे कि चेहरा (मुख्यमंत्री) कौन हो। मैं किसी पद के लिए भाग नहीं रहा लेकिन मैं जिम्मेदारी से भी नहीं बचूंगा। लेकिन चेहरा केवल शिवसेना से ही होगा।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में एक संपादकीय के माध्यम से भी भाजपा पर प्रहार किया है।
लोकसभा चुनाव में मिली भारी जीत के बाद बीजेपी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अधिक सीट दिए जाने की मांग पर अड़ी है। सामना के संपादकीय में कहा गया था कि अत्यधिक वासना से तलाक हो जाता है।
गठबंधन के सहयोगियों को जीत का स्वप्न देखना चाहिए। इसके लिए सभी पार्टियों को अधिक सीटों की वासना छोड़ देनी चाहिए।
वहीं बीजेपी नेता राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि चुनाव और बातचीत से पहले ऐसे बयानों से परहेज करना चाहिए।
उद्धव ने किया मोदी का अपमान
वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की टिप्पणियों से नाराज महाराष्ट्र भाजपा शाखा ने रविवार को कहा कि उसके कार्यकर्ता अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दोनों गठबंधन सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अब और बातचीत नहीं चाहते हैं।
भाजपा राज्य शाखा के प्रवक्ता माधव भंडारी ने मीडिया से कहा कि उद्धव ठाकरे की टिप्पणियों का उद्देश्य नरेन्द्र मोदी को नीचा दिखाना था।
महाराष्ट्र बीजेपी ने उनकी टिप्पणियों की कठोरता से आलोचना और निन्दा की है। हमारे कार्यकर्ता दोनों दलों के बीच बातचीत रोकने और अपनी खुद की राह तलाशने के लिए नेतृत्व पर जोर दे रहे हैं और दबाव डाल रहे हैं।
गौरतलब है कि उद्धव ने शनिवार को एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा था कि मोदी लहर कई राज्यों में असर दिखाने में असफल रही और हाल के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का श्रेय केवल मोदी को नहीं बल्कि उनके गठबंधन सहयोगियों को भी दिया जाना चाहिए।
उद्धव ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में लोगों ने बदलाव के एक चेहरे (मोदी) के लिए वोट दिया और महाराष्ट्र में मिली जीत में शिवसेना के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।












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