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कन्हैया कुमार का तीखा वार, कहा- राजनीति में धर्म को मिलाने का प्रयास किया जा रहा है

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नई दिल्ली। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार बुधवार को औरंगाबाद के गांधी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला, कन्हैया ने कहा कि राजनीति में धर्म को मिलाने का प्रयास किया जा रहा है,अमित शाह को पीएम आखिर कैसे बनाएंगे, इसका उपाय खोजा जा रहा है, केवल विकास का ढोलक फूट गया है, राम मंदिर और 370 पर ध्रुवीकरण हुआ था लेकिन अब संभव नहीं है, 2019 में लोगों ने कहा कि मोदी जी से ही दिल लगाएंगे लेकिन अब पछता रहे हैं।

'यहां के लोग चना का सत्तू और दाल दोनों बनाते हैं'

'यहां के लोग चना का सत्तू और दाल दोनों बनाते हैं'

आपको बता दें कि 'जण गण मन' यात्रा के तहत एनपीआर, एनआरसी और सीएए के विरोध में यहां सभा का आयोजन किया गया था, कन्हैया ने कहा कि सरकार कहती है कि यहां लोगों के पास स्किल नहीं है लेकिन यहां इतना स्किल है कि चना का सत्तू और दाल दोनों बनाते हैं। हरियाणा का चुनाव वहां के मुद्दे पर नही बल्कि कश्मीर के मुद्दे पर लड़ा गया। महाराष्ट्र का चुनाव कश्मीर और दिल्ली का चुनाव शाहीन बाग पर लड़ा गया। सत्ता मिलने पर दिमाग खराब हो जाता है। कभी अमित शाह और नरेंद्र मोदी भी विपक्ष में थे लेकिन सत्ता में आये तो पूरे देश में एनआरसी लागू करने की बात करने लगे।

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'यही मुंह पान खिलाता है और यही जूता भी'

'यही मुंह पान खिलाता है और यही जूता भी'

कन्हैया ने कहा कि यही मुंह पान खिलाता है और यही जूता भी खिलाता है। असम में लिस्ट जारी हुई तो 15 लाख गैर मुस्लिमो का नाम कट गया जिसके कारण अब हिन्दू मुसलमान का नारा खत्म हो गया। चुनाव के समय धर्म का नारा आगे आगे चलता है। यह झारखंड से दिल्ली पहुंचा और वहां से बिहार की ओर आएगा। यह बिल्कुल मानसून की तरह है। इसके बाद आगे बंगाल जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्तिगत मामला है।

दस दिनों में कन्हैया के काफिले पर चार बार हमला

दस दिनों में कन्हैया के काफिले पर चार बार हमला

मालूम हो कि इससे पहले सोमवार को बिहार के जमुई में कन्हैया और उनके साथ चल रहे लोगों को निशाना बनाया गया। कन्हैया के काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके गए। कन्हैया के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। इस दौरान देर तक हंगामे की स्थिति रही, कन्हैया कुमार ने 30 जनवरी को बेतिया से सीएए और एनआरसी के खिलाफ 'जन-गण-मन यात्रा' की शुरुआत की है। जिसके बाद बीते दस दिनों में उनके काफिले पर चार से पांच बार हमला हो चुका है। उनके काफिल पर पत्थरबाजी भी हुई है। इससे पहले सुपौल, कटिहार, मधेपुरा और सीवान में भी उनके काफिले पर हमले हो चुके हैं।

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English summary
CPI leader and former JNU Students’ Union president Kanhaiya Kumar on Wednesday said people do not elect governments to save religion but to save jobs, and build schools and hospitals.
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