OBC नहीं, इस बार ‘ब्राह्मण’ बनेगा BJP का नया अध्यक्ष! ये 3 नेता रेस में आगे, दूसरा वाला नाम चौंका देगा
Who will be Next BJP President: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में इन दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि अब ऐसी संभावनाएं बन रही है कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान दिसंबर में कभी भी हो सकता है। अमित शाह और राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं बिहार चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष तय किए जाएंगे। अब ऐसी इनपुट है कि भाजपा इस बार किसी सवर्ण को पार्टी का नया अध्यक्ष बना सकती है।
इस बार पार्टी का जातीय समीकरण पिछले पैटर्न से थोड़ा अलग दिख रहा है। उपराष्ट्रपति चुनाव और शीर्ष पदों पर हालिया बदलाव के बाद संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा इस बार ब्राह्मण चेहरे को ही अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है।

Next Bjp Chief: भाजपा अध्यक्ष ने क्यों बदली रणनीति?
दरअसल बीजेपी का आंतरिक गणित पिछले कुछ महीनों में तेजी से बदला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन-दोनों ही ओबीसी पृष्ठभूमि से आते हैं। वहीं देश की मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महिला होने के साथ-साथ आदिवासी समाज से हैं, जबकि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दलित समुदाय से थे। ऐसे में, पार्टी और संघ (RSS) दोनों ही मान रहे हैं कि संतुलन साधने के लिए इस बार अध्यक्ष की कुर्सी किसी ब्राह्मण नेता को दी जानी चाहिए।
BJP President Race: भाजपा के कौन से 3 'ब्राह्मण' नेता का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष में चल रहा है आगे?
1️⃣ बीजेपी अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे पहला नाम मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का है। सूत्र बताते हैं कि जेपी नड्डा संगठन और सरकार, दोनों स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल हैं। संघ का भी झुकाव उनके पक्ष में दिख रहा है।
पार्टी के संविधान के हिसाब से कोई भी नेता दो कार्यकाल तक अध्यक्ष रह सकता है। नड्डा पहले कार्यकारी अध्यक्ष रहे और बाद में उन्हें पूर्ण अध्यक्ष का कार्यकाल मिला, जिसे डेढ़ साल से बढ़ाया जा रहा है। इसलिए तकनीकी रूप से उनका केवल एक ही कार्यकाल पूरा हुआ है। यही वजह है कि उन्हें दोबारा औपचारिक तौर पर अध्यक्ष बनाने का रास्ता साफ नजर आ रहा है।
2️⃣ अगला बड़ा नाम है दिनेश शर्मा। उत्तर प्रदेश के कद्दावर ब्राह्मण नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे दिनेश शर्मा लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं। वह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गुजरात में पार्टी के प्रभारी महासचिव जैसी अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। लखनऊ के पूर्व मेयर रह चुके दिनेश शर्मा को संघ की पृष्ठभूमि का भी फायदा मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को मजबूत रखने और बिहार विधानसभा चुनाव से पहले स्पष्ट संदेश देने के लिए बीजेपी शर्मा पर दांव खेल सकती है। दिनेश शर्मा का नाम सबसे ज्यादा लोगों को चौंका रहा है।

3️⃣ बीजेपी और संघ के सूत्रों से जो तीसरा नाम सामने आ रहा है, वह सबसे ज्यादा हैरान करने वाला है-देवेंद्र फडणवीस। महाराष्ट्र के मौजूदा उपमुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस को संगठनात्मक काम और चुनाव जीताने की क्षमता के लिए जाना जाता है। सूत्रों के मुताबिक अगर उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाती है तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।

चर्चा है कि उस स्थिति में राज्य में पार्टी महासचिव और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। तावड़े ओबीसी समुदाय से आते हैं, जिससे बीजेपी को महाराष्ट्र में नए सामाजिक समीकरण साधने में मदद मिलेगी।
संघ की भूमिका और संकेत
आरएसएस की भूमिका इस पूरे समीकरण में अहम मानी जा रही है। संगठन के करीबी सूत्रों का कहना है कि संघ चाहता है कि इस बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कोई ब्राह्मण नेता बने। जेपी नड्डा और दिनेश शर्मा इस कसौटी पर पूरी तरह फिट बैठते हैं, जबकि फडणवीस का नाम पार्टी की भावी रणनीति और युवाओं के नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि देवेंद्र फडणवीस को बदलाव के लिए संकेत दे दिए गए हैं।
हालांकि जब तक अधिकारिक ऐलान नहीं हो जाता, बीजेपी के अगले अध्यक्ष को लेकर तस्वीर अभी धुंधली जरूर है, लेकिन इतना तय है कि इस बार जातीय समीकरण बदलने वाला है। पार्टी का रुझान साफ तौर पर ब्राह्मण चेहरे की तरफ है। अब देखना यह होगा कि जेपी नड्डा की ताजपोशी दोबारा होती है, दिनेश शर्मा को मौका मिलता है या फिर फडणवीस जैसे चौंकाने वाले नाम पर मुहर लगती है। एक बात तय है-बीजेपी इस कदम के जरिए 2025 के चुनावी मौसम में बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है।












Click it and Unblock the Notifications