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2 विधानसभा चुनाव, 2 बीजेपी कैंडिडेट पर मौत की तारीख एक!

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    भोपाल। मध्‍य प्रदेश की राजपुर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्‍याशी और पूर्व राज्‍य मंत्री देवी सिंह पटेल का सोमवार सुबह (5 नवंबर 2018) दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। रविवार रात उन्‍हें सीने में दर्द की तकलीफ के बाद अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्‍होंने दम तोड़ दिया। पांच साल पहले आज ही के दिन यानी 5 नवंबर 2013 को भी ठीक इसी प्रकार से भाजपा के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व मध्‍य प्रदेश विधानसभा अध्‍यक्ष ईश्‍वर दास रोहाणी का भी निधन हो गया था।

    एक ही दिन हुआ दोनों नेताओं का निधन

    एक ही दिन हुआ दोनों नेताओं का निधन

    • मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में राजपुर विधानसभा सीट से प्रत्‍याशी देवी सिंह पटेल का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ है
    • मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2013 में जबलपुर कैंट बीजेपी प्रत्‍याशी ईश्‍वर दास रोहाणी का भी निधन दिल का दौरा पड़ने से ही हुआ था
    • 2018 में देवी सिंह पटेल का निधन 5 नवंबर को हुआ और 2013 में ईश्‍वर दास रोहाणी का निधन भी 5 नवंबर को ही हुआ

    • देवी सिंह पटेल और ईश्‍वर दास रोहाणी दोनों को ठीक चुनाव से पहले दिल का दौरा पड़ा। दोनों नेता जब यह दुनिया छोड़कर गए, तब वे चुनाव तैयारियों में व्‍यस्‍त थे
    • देवी सिंह पटेल और ईश्‍वर दास रोहाणी, दोनों ही बीजेपी नेता थे और विधानसभा चुनाव में दोनों अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रत्‍याशी बनाए गए थे
    • -मध्‍य प्रदेश की राजनीति में यह चर्चा आम है कि जब नए विधानसभा भवन में प्रवेश किया है, तब से लगातार विधायकों की मौत हो रही है
    बीते 21 सालों में ऐसी कोई विधानसभा नहीं रही, जिसमें विधायकों की असमय मौत नहीं हुई हो

    बीते 21 सालों में ऐसी कोई विधानसभा नहीं रही, जिसमें विधायकों की असमय मौत नहीं हुई हो

    बीते 22 साल में मध्‍य प्रदेश में ऐसी विधानसभा नहीं रही, जिसमें विधायकों का असमय निधन न हुआ हो? पिछले चार साल में (देवी सिंह पटेल की मौत से पहले) 9 विधायकों की मौत हुई। इनमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों के नेता शामिल रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक नए विधानसभा भवन के वास्‍तुदोष को लेकर चिंतित हैं। यहां दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर बनाने की भी मांग उठी।

    जानें, कौन थे देवी सिंह पटेल

    मध्‍य प्रदेश 2018 विधानसभा चुनाव में देवी सिंह पटेल राजपुर विधानसभा सीट से प्रत्‍याशी थे। यह सीट साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद बनी थी। देवी सिंह पाटिल राज्‍यमंत्री भी रहे। पटेल बीजेपी के भरोसेमंद नेता थे, इसलिए उनका नाम बीजेपी की पहली सूची में ही घोषित कर दिया गया था। देवी सिंह पटेल उमा भारती सरकार में राज्य मंत्री रहे। चार बार विधानसभा पहुंचने वाले पटेल अंजड़ सीट से भी तीन बार विधायक रहे। 2008 में परिसीमन के बाद पटेल राजपुर सीट से चुनाव लड़े और जीत गए। हालांकि, 2013 में वह कांग्रेस के बाला बच्चन से हार गए थे, लेकिन पार्टी का उन पर से भरोसा कम नहीं हुआ और 2018 में भी उन्‍हें बीजेपी टिकट दिया। देवी सिंह पटेल का निधन 5 नवंबर 2018 को हो गया, ठीक उसी दिन जिस दिन ईश्‍वर दास रोहाणी ने दुनिया को अलविदा कहा।

    जानें, ईश्‍वर दास रोहाणी के बारे में

    ईश्‍वर दास रोहाणी भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं में एक थे। 5 नवंबर 2013 को ठीक चुनाव से पहले 67 वर्ष की उम्र में उन्‍होंने दुनिया छोड़ दी। जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। रोहाणी जबलपुर कैंट क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे और लगातार चार बार से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। जिस वक्‍त उनका निधन हुआ, वह चुनाव की तैयारियां कर रहे थे। उन्‍हें पार्टी ने टिकट से मैदान में उतारा था। रोहाणी का जन्म पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुआ था। वह 1973 में जबलपुर नगर निगम के मनोनीत पार्षद बने थे। उन्होंने पहली बार 1978 में तिलक वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ा और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बने। 1993 में रोहाणी जबलपुर कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुने गए और फिर उन्होंने यहां से लगातार चार चुनाव में जीते।

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    English summary
    BJP poll candidate and former Madhya Pradesh minister Devisingh Patel dies same as Ishwar Singh .

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