जेटली ने यूपीए सरकार के लैंड बिल को बताया किसान विरोधी, जारी की पुस्तिका
बेंगलुरू। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आज समापन हो गया है। बैठक का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से हुआ। पीएम ने इस बैठक में जहां एक तरफ सरकार की नीतियों को गिनाया वहीं पार्टी के नेताओं और सांसदों को विवादित बयानों से बचने की भी हिदायत दी ।

वहीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद नेकेंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यूपीए का भूमि अधिग्रहण बिल को किसान विरोधी कानून करार दिया। जेटली ने कहा कि भाजपा के नए विधेयक के लाभ को समझाने के लिए सरकार लोगों के बीच एक अभियान चलाएगी।
जेटली ने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया नया विधेयक ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में मददगार होगा और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे से भूमिहीनों व दलितों सहित सबको रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अभियान के लिए पार्टी का दृष्टिकोण मजबूत है।
जेटली ने साल 2013 के अधिनियम को किसान विरोधी करार दिया, क्योंकि यह ग्रामीण सड़कों, ग्रामीण क्षेत्रों में आवास तथा ग्रामीण विद्युतीकरण को रोकता है। उन्होंने कहा कि साल 2015 के संशोधन द्वारा इसे दूर किया गया है। पिछले भूमि विधेयक की कमजोरी इसके क्रियान्वयन के बाद सामने आई है।












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