Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

तीनों राज्यों में महिला-OBC चेहरों पर बाजी लगा सकती है BJP! ये फैक्टर भी करेंगे काम

बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जो जीत हासिल की है, उसमें कुल मिलाकर समाज के चार वर्गों का बहुत बड़ा रोल रहा है। ये हैं- महिला, ओबीसी, दलित और आदिवासी वोटर।

पिछले 6 दिनों से भारतीय जनता पार्टी इसी माथापच्ची में लगी हुई है कि नए सरकार का चेहरा किस तरह का हो। क्योंकि, पार्टी का अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य 2024 में होने वाला लोकसभा चुनाव है।

bjp faces for three states

चार वर्ग-भाजपा की जीत के बड़े 'किरदार'
भाजपा में तीनों राज्यों में नेता तय करने में देरी की एक बड़ी वजह ये हो सकती है कि पार्टी इन राज्यों में इन चारों वर्गों को सरकार के चेहरे के रूप में पेश करना चाहती है।

सीधे शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री हों या फिर उपमुख्यमंत्री राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों जगहों पर समाज के इन वर्गों का सरकार में प्रतिनिधित्व नजर आ सकता है।

इस समीकरण की तलाश में है बीजेपी?
जानकार मानते हैं कि इन वर्गों को सरकार का चेहरा बनाने के लिए पार्टी की पहली यह रणनीति हो सकती है कि वह ओबीसी, दलित या आदिवासी वर्ग की महिला चेहरों पर दांव लगाए, ताकि एक तीर से दो वर्गों के वोट बैंक को साधा जा सके।

विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से तीनों राज्यों के लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के कई नाम सामने आ चुके हैं। अब पार्टी अपने बड़े नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर विधायकों की राय जानने की कोशिश कर रही है। लेकिन, हम यहां कुछ नामों का जिक्र कर सकते हैं, जिनमें से कुछ तो सीएम पद के भी दावेदार माने जा रहे हैं और कुछ को आने वाले दिनों में इन तीनों राज्यों में कहीं पर डिप्टी सीएम के रूप में भी देखा जा सकता है।

मध्य प्रदेश में संभावित नाम
जैसे मध्य प्रदेश में कृष्णा गौर का नाम लिया जा सकता है। राज्य के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा में 1,06,668 मतों के अंतर से चुनाव जीता है। वह भोपाल की महापौर भी रह चुकी हैं और बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

उन्हें राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का सदस्य भी बनाया गया था। अगर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसी गैर-ओबीसी नेता को बैठने का मौका मिला तो उपमुख्यमंत्री बनने की इनकी संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में ये महिला चेहरे आ सकती हैं पार्टी के काम ?
इसी तरह छत्तीसगढ़ में तो रेणुका सिंह का नाम सीएम के तौर पर पहले से भी आगे चल रहा है। इनके पक्ष में यह चीज काम कर सकती है कि ये महिला भी हैं और आदिवासी भी हैं। भरतपुर-सोनहत सीट (एसटी-सुरक्षित) से चुनाव जीती हैं। रेणुका सिंह ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया है।

इसी तरह से छत्तीसगढ़ में ही कोंडागांव की तीसरी बार की विधायक लता ओसेंडी का नाम भी तेजी से सीएम के संभावित चेहरे के तौर पर उभरा है। पिछली रमन सिंह सरकार में सिर्फ 31 साल की उम्र में ये कैबिनेट मंत्री बन चुकी हैं। आदिवासी समाज से आने के साथ-साथ यह जेपी नड्डा की टीम में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

राजस्थान में दलित-महिला समीकरण आ सकता है काम
इसी तरह से राजस्थान में भी बीजेपी की कुछ ऐसी दलित और ओबीसी महिला विधायक जीती हैं, जिनकी नई सरकार में संभावित तौर पर उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना लगती है।

जैसे अजमेर दक्षिण से चुनाव जीतने वाली अनिता भदेल का नाम राज्य की उपमुख्यमंत्री के तौर पर शामिल हो सकता है। ये दलित भी हैं और पांच बार से विधायक हैं। वसुंधरा सरकार में कैबिनेट मंत्री का जिम्मा भी संभाल चुकी हैं और सर्वश्रेष्ठ विधायक के पुरस्कार से भी नवाजी जा चुकी हैं। (इनपुट-भोपाल से वन इंडिया सहयोगी एलएन मालवीय, रायपुर से धीरेन्द्र गिरि गोस्वामी और झुंझुनूं से विश्वनाथ सैनी)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+