Rajya Sabha Election: BJP की फाइनल लिस्ट में भी मुख्तार अब्बास नकवी नहीं, लड़ सकते हैं उपचुनाव
नई दिल्ली, 31 मई। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में भी केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का नाम नहीं है, ऐसे में अब यह तय है कि मु्ख्तार अब्बास नकवी की मंत्रिमंडल से विदाई हो रही है और जल्द ही मोदी सरकार मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने कुल 22 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।

इन लोगों को मिला टिकट
भाजपा की ओर से सोमवार को ओबीसी मोर्चा के मुखिया के लक्ष्मण के नाम का ऐलान किया गया है जोकि तेलंगाना के पूर्व सांसद हैं। इसके अलावा शाहजहांपुर से मिथिलेश कुमार का नाम, मध्य प्रदेश से भाजपा उपाध्यक्ष सुमित्रा वाल्मिकी, कर्नाटक से लाल सिंह सिरोया के नाम का ऐलान किया गया है। भाजपा के नेता ने बताया कि संभव है कि मुख्तार अब्बास नकवी उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं, यहां 23 जून को चुनाव होना है।
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उपचुनाव लड़ सकते हैं नकवी
गौर करने वाली बात है कि मुख्तार अब्बास नकवी उन तीन केंद्रीय मंत्रियों में से एक हैं जिनका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नकवी को इससे पहले झारखंड से पार्टी ने राज्यसभा में भेजा था। नकवी के अलावा केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। लेकिन दोनों को फिर से राज्यसभा भेजने का पार्टी ने फैसला लिया है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का भी नाम राज्यसभा की उम्मीदवार लिस्ट में है।
सुभाष चंद्रा को मिल सकता है भाजपा का साथ
माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सुभाष चंद्रा का समर्थन कर सकती है। सुभाष चंद्रा राजस्थान से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन कर सकते हैं। पार्टी के नेता ने बताया कि भाजपा राजस्थान की चार सीटों में से एक पर सुभाष चंद्रा का समर्थन करेगी। कांग्रेस ने यहां से पहले ही मुकुल वासनिक को मैदान में उतारा है। उनके अलावा प्रमोद तिवारी, रणदीप सिंह सुरजेवाला को भी पार्टी ने राज्यसभा का टिकट दिया है। जबकि भाजपा ने घनश्याम तिवारी को टिकट दिया है। राजस्थान से राज्यसभा की 4 सीटें खाली हैं।
राजस्थान का गणित
सुभाष चंद्रा की बात करें तो भाजपा ने 2016 में भी उनका समर्थन किया था। राज्यसभा के उम्मीदवार को जीत के लिए 41 वोटों की दरकार होती है। राजस्थान विधानसभा की बात करें तो कांग्रेस के पास यहां 108 सीट, भाजपा के पास 71 सीट, सीपीआई के पास 2, आरएलपी के पास 3, बीटीपी के पास 2, आरएलडी के पास 1 और 13 निर्दलीय विधायक हैं। आरएलडी के विधायक, 13 निर्दलीय विधायक और भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायकों ने 2020 में कांग्रेस का समर्थन किया था।












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