दिल्ली में क्यों 'मिल' गई भाजपा-कांग्रेस
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) दिल्ली में आजकल भाजपा और कांग्रेस में बहुत नजदीकियां हो गई हैं। नजदीकियां इस लिहाज से कि दोनों एक मसले पर एक जैसी जुबान बोल रहे हैं। दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख अजय माकन और भाजपा प्रमुख सतीश उपाध्याय इन दिनों अरविंद केजरीवाल से लेकर उनकी आम आदमी पार्टी को उखाड़ रहे हैं।
एक-जैसे बयान
दिल्ली में फर्जी डिग्री कांड के बाद तो भाजपा-कांग्रेस के नेताओं के बयान बिल्कुल मिलते-जुलते सामने आ रहे हैं। अजय माकन ने बुधवार को कहा कि केजरीवाल नैतिकता भूल गए हैं। उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए क्यों कि वे जितेन्द्र सिंह तोमर को बचाते रहे। वहीं, सतीश उपाध्याय भी इस तरह के आरोप केजरीवाल पर लगा रहे हैं। वे केजरीवाल से इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
केजरीवाल के पीछे पड़े
मोदी सरकार में मंत्री प्रकाश जावेड़कर भी केजरीवाल से इस्तीफा मांग रहे हैं फर्जी डिग्री मामले के चलते। हालांकि वे आम तौर पर दिल्ली की सियासत पर नहीं बोलते, पर इस मामले पर वे हाथ धोकर पीछे पड़ गए केजरीवाल के।
दोनों का एक शत्रु
दिल्ली की राजनीति को लंबे समय से देख रहे हरीश चंद्र कहते हैं कि उन्होंने इस तरह के हालात कभी नहीं देखे जब कांग्रेस और भाजपा का एक शत्रु हो गया हो । दोनों यहां पर एक-दूसरे की कट्टर राजनीतिक दुश्मन रही हैं। पर अब दोनों ने आम आदमी पार्टी पर वार करना चालू कर दिया क्योंकि उसी ने इन दोनों दलों को बीते विधानसभा चुनावों में मात दी।
करप्शन की प्रतीक
इस बीच, भाजपा- अकाली दल गठबंधन टिकट पर दिल्ली विधानसभा सदस्य रहे जितेन्द्र सिंह शंटी कहते हैं कि हमारा कांग्रेस से तो बुनियादी मतभेद रहेगा ही। कांग्रेस तो करप्शन की प्रतीक है। पर फर्जी डिग्री केस कुछ इस तरह का है कि हम दोनों केजरीवाल के खिलाफ अपने-अपने तरीके से लड़ रहे हैं।













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