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मुजफ्फरपुर: SKMCH के पीछे कहां से आए नरकंकाल? मंत्री का चौंकाने वाला बयान

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नई दिल्ली- बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अबतक 146 बच्चे दम तोड़ चुके हैं,लेकिन लगता है कि बिहार सरकार स्थिति की गंभीरता को समझने के लिए अभी भी तैयार नहीं है। अब बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) के पीछे मिले नरकंकाल के बारे में अजीब बयान दे दिया है। उन्होंने कहा है कि कई बार अस्पताल लावारिस शवों को यूं ही फेंक देते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इस मामले में मीडिया पर ही दोष मढ़ने की कोशिश की है।

लावारिस शवों को यूं ही फेंक देते हैं अस्पताल!

बिहार में नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) के पीछे नरकंकाल मिलने पर कहा है कि, "कई बार शवों का कोई दावेदार नहीं होता, इसलिए सरकार 2,000 रुपये (पोस्ट मॉर्टम डिपार्टमेंट को) उसे जलाने के लिए देती है, जो कि कई बार वो नहीं करते हैं। जांच से इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी, मीडिया इसे अलग तरह से प्रोजेक्ट कर रहा है।" सवाल है कि अगर सरकार को पता है कि लावारिस शवों को लेकर अस्पताल प्रशासन लापरवाही करता है, तो अबतक उनके खिलाफ कोई ऐक्शन क्यों लिया जाता था।

उसी अस्पताल के पीछे मिले नरकंकाल, जहां बच्चे तोड़ रहे हैं दम

उसी अस्पताल के पीछे मिले नरकंकाल, जहां बच्चे तोड़ रहे हैं दम

दरअसल, मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) के पीछे की मानव कंकाल और हड्डियां मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। मुजफ्फरपुर के अहियारपुर एसएचओ ने बताया था कि, 'जांच के बाद पता चला है कि लावारिस शवों को यहां जलाया जाता है।' इस अस्पताल (एसकेएमसीएच) के पिछले हिस्से में काफी बड़ा जंगली इलाका है। एसकेएमसीएच के अधीक्षक एसके शाही ने इस बारे में कहा था कि, 'पोस्टमॉर्टम विभाग प्राचार्य के अधीन है लेकिन इसे मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। मैं प्रधानाचार्य से बात करूंगा और उनसे एक जांच समिति गठित करने के लिए कहूंगा।' इन बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल प्रशासन से लेकर सामान्य प्रशासन तक अबतक इतने गंभीर मामले पर कितना लापरवाह बना हुआ था।

थम नहीं रहा बच्चों की मौत का सिलसिला

थम नहीं रहा बच्चों की मौत का सिलसिला

इस बीच मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (एइईएस) की वजह से हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तक मुजफ्फरपुर में 146 बच्चों की मौत हो चुकी है। अकेले श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएस) में 128 बच्चे दम तोड़ चुके है। ऐसे में बिहार और केंद्र सरकार पर चौतरफा दबाव पड़ रहा है। बिहार की नीतीश सरकार ने पहली बार चमकी बुखार के संबंध में कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में अस्पताल के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर भीमसेन को सस्पेंड कर दिया गया है।

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English summary
Bihar Minister's strange statement in case of skeletons found near SKMCH in Muzzaffarpur
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