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खाली पेट बहुत अधिक लीची खाने से क्यों बचना चाहिए?

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पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (इंसेफेलाइटिस) ने 100 से अधिक बच्चों की जान ले ली है। इसके इलावा दो सौ से ज्‍यादा बच्‍चे ऐसे हैं, जिन्‍हें इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम होने का संदेह है। इसे चमकी बुखार भी कहा जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह बीमारी लीची खाने से फैल रही है। आगे की बात करने से पहले आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर लीची की पैदावार के लिए प्रसिद्ध है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी कहा है कि अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण खाली पेट लीची खाने से इसका प्रकोप बढ़ा है। वैसे फल मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं लेकिन कुछ फल जैसे की लीची आपको खाली पेट खाने से बचना चाहिए। तो आइए आपको बताते हैं क्‍या है इसके पीछे की मुख्‍य वजह

खाली पेट लीची खाने से ब्‍लड सूगर का लेवल कम हो जाता है

खाली पेट लीची खाने से ब्‍लड सूगर का लेवल कम हो जाता है

अध्ययन में पाया गया कि लीची में हाइपोग्लाइसीन ए होता है, जो एक विष है और शरीर को ग्लूकोज बनाने से रोकता है। ये खासकर छोटे बच्चों को प्रभावित करता है जिनमें ब्‍लड सूगर का स्‍तर पहले से ही कम हो। जब बच्चे खाली पेट काफी मात्रा में लीची खाते हैं, तो यह तेजी से उनके ब्‍लड सूगर के लेवल को कम कर देता है। मस्तिष्क संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं जैसे की मस्तिष्क में सूजन होना या फिर दौरे पड़ना। इतना ही नहीं इससे चक्‍कर आना, मेमोरी लॉस, आंख से दिखाई न देना, यहां तक की मृत्‍यु तक हो जाती है।

क्‍या कहता है द लैन्‍सेट का रिसर्च रिपोर्ट

क्‍या कहता है द लैन्‍सेट का रिसर्च रिपोर्ट

द लैन्सेट' नाम की मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च की मानें तो लीची में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ जिन्हें हाइपोग्लाइसीन ए और Methylenecyclopropylglycine कहा जाता है। ये शरीर में फैटी ऐसिड मेटाबॉलिजम बनने में रुकावट पैदा करते हैं। इसकी वजह से ही ब्लड-शुगर लो लेवल में चला जाता है और मस्तिष्क संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं और दौरे पड़ने लगते हैं। अगर रात का खाना न खाने की वजह से शरीर में पहले से ब्लड शुगर का लेवल कम हो और सुबह खाली पेट लीची खा ली जाए तो अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

जानिए क्‍या है इंसेफेलाइटिस

जानिए क्‍या है इंसेफेलाइटिस

इंसेफेलाइटिस एक तरह का दिमागी बुखार हैं। एक जानेमाने डॉक्टर के मुताबिक ‘इंसेफेलाइटिस के मामलों में यह एक तरह का दिमागी संक्रमण होता है।' इस बीमारी में दिमाग के अलावा शरीर के बाकी हिस्से में भी बुखार होता है और शरीर में तेज कंपन होता है। ये सारे इंसेफेलाइटिस के लक्ष्ण हैं।

क्‍यों कहते हैं इसे चमकी

क्‍यों कहते हैं इसे चमकी

डॉक्‍टर ने बताया, ‘जब मरीज आते हैं तो उनमें बेहोशी, चमकी (ऐंठन- convulsion) और बुखार जैसे लक्ष्ण होते हैं। ऐसे बच्चे कुछ समय तो ठीक दिखते हैं लेकिन अचानक उनका शरीर सख्त हो जाता है, उनके दिमाग और शरीर में ऐठन शुरू हो जाती है। इसी ऐठन को चमकी कहते हैं।

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English summary
Bihar encephalitis deaths: How eating Litchis empty stomach led to child dying.
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