ABP Exit Poll: बिहार में वोटिंग के बाद पहला एग्जिट पोल, NDA को मिल रही हैं इतनी सीटें
बिहार चुनाव को लेकर एबीपी का एग्जिट पोल सामने आया है, जानिए किसकी बन रही है सरकार...
नई दिल्ली। बिहार में तीन चरण के मतदान के बाद विधानसभा चुनाव की गहमागहमी खत्म हो गई है। अब 10 नवंबर को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे और इसके साथ ही तय हो जाएगा कि 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में अगली सरकार किस गठबंधन की बनने जा रही है। कोरोना वायरस महामारी के बीच कराए गए बिहार चुनाव में जहां भाजपा और जेडीयू के गठबंधन वाला एनडीए दावा कर रहा है कि एक बार फिर से राज्य में नीतीश की सरकार बनेगी, तो वहीं आरजेडी और कांग्रेस का महागठबंधन भी तेजस्वी की रैलियों के दम पर जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है। इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एबीपी का एग्जिट पोल सामने आया है।
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108 से 131 सीटें जीत सकता है महागठबंधन
एबीपी एग्जिट पोल में शाम पांच बजे तक की वोटिंग के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी और कांग्रेस का महागठबंधन करिश्मा करता हुआ नजर आ रहा है और उसे बिहार की 243 सीटों में से 108 से 131 सीटें मिल सकती हैं। वहीं जेडीयू, भाजपा, हम और वीआईपी का एनडीए 104 से 128 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है। इसके अलावा 1 से 3 सीटें चिराग पासवान की एलजेपी को मिलती हुई नजर आ रही हैं। 4 से 8 सीटें अन्य दलों के खाते में जा सकती हैं।

जेडीयू और भाजपा को अलग-अलग कितनी सीटें
अब बात करते हैं अलग-अलग सियासी दलों के आंकड़े पर। एबीपी एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को अनुमानित 104 से 128 सीटों में से जेडीयू को 38 से 46 सीटें और भाजपा को 66 से 74 सीटें मिल सकती हैं। वहीं वीआई को 0 से 4 और जीतन राम मांझी की हम को भी 0 से 4 सीटें मिल सकती हैं। महागठबंधन को जो 108 से 131 सीटें मिलती हुईं नजर आ रही हैं, उनमें 81 से 89 सीटें आरजेडी और कांग्रेस को 21 से 29 सीटें मिल सकती हैं। इनके अलावा 6 से 13 सीटें लेफ्ट पार्टियों के खाते में जा सकती हैं।

किस गठबंधन को कितना वोट शेयर
वहीं, बिहार चुनाव में अगर बात मत प्रतिशत की करें तो नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को 37.7 फीसदी वोट शेयर मिलता हुआ नजर आ रहा है। वोट शेयर के मामले में महागठबंधन, एनडीए से थोड़ा सा पीछे है और उसके खाते में 36.3 फीसदी वोट शेयर जा सकता है। इनके अलावा चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को 8.5 फीसदी वोट शेयर मिलता हुआ नजर आ रहा है। वहीं 17.5 फीसदी वोट शेयर अन्य दलों के खाते में जा सकता है।

क्या चिराग की वजह से जेडीयू को नुकसान हुआ
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी ने सीएम नीतीश का विरोध करते हुए एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था। चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के ज्यादातर उम्मीदवार जेडीयू प्रत्याशियों के खिलाफ ही उतारे थे। चिराग पासवान ने अपनी सभाओं में यह भी कहा कि चुनाव के बाद भाजपा और एलजेपी मिलकर सरकार बनाएंगे और नीतीश कुमार अब कभी बिहार के सीएम नहीं बनेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि एलजेपी की बगावत से जेडीयू को नुकसान हुआ है। हालांकि चुनाव परिणाम की असल तस्वीर 10 नवंबर को ही साफ होगी।












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