नोकिया ने दिया मोदी के मेक इन इंडिया को बड़ा झटका
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से मेक इन इंडिया का नारा बुलंद करने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोकिया कंपनी ने बड़ा झटका दिया है। टैक्स विवाद के चलते नोकिया कंपनी ने चेन्नई स्थित नोकिया के उत्पादन प्लांट को बंद करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने जहां देश में निर्माण करने वाली कंपनियों के लिए रेड कार्पेट बिछाने की बात की थी ऐसे में नोकिया के इस ऐलान के बाद मोदी के सपने को एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल नोकिया कंपनी ने यह फैसला उस वक्त लिया जब माइक्रोमैक्स कंपनी ने नोकिया के मोबाईल खरीदने से इनकार कर दिया। माइक्रोमैक्स के इस फैसले के बाद नोकिया ने एक नवंबर से चेन्नई के प्लांट में उत्पादन को बंद करने की घोषणा कर दी। कंपनी का दावा है कि उन्हे टैक्स विवाद के चलते माइक्रोमैक्स कंपनी के साथ नोकिया को 7.5 यूएस डॉलर का सौदा करने पर रोक लगा दी गयी। वहीं टैक्स विभाग का कंपनी पर आरोप है कि सॉफ्टवेयर के निर्यात के लिए नोकिया ने गलत तरीके से टैक्स में छूट लेने की कोशिश की, जिसके चलते माईक्रोमैक्स कंपनी के साथ नोकिया की डील पर रोक लगा दी गयी है।
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वह नोकिया विवाद मामले को देख रही हैं। वह इस विवाद को जल्द सुलझाने का प्रयास करेंगी, साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगी की भविष्य में इस तरह का विवाद न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा यह एक कंपनी विशेष का मामला है, लेकिन वह केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया की योजना को हर संभव सफल बनाने का प्रयास करेंगी।
चेन्नई मे नोकिया ने मोबाईल उत्पादन का काम 2006 में शुरु किया था। प्लांट में 6600 कर्मचारी कार्यरत हैं। नोकिया-माइक्रोमैक्स समझौते के बाद कंपनी की ओर से कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की योजना के तहत कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया था। जिनमें से 5700 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली जबकि कंपनी में अब सिर्फ 900 कर्मचारी ही कार्यरत हैं।












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