• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सेना के खिलाफ आरोप मामले में शेहला रशीद को कोर्ट ने दी बड़ी राहत

|

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने के बाद जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने भारतीय सेना को लेकर कई ट्वीट किए थे। जिसके बाद उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने शेहला रशीद को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। बता दें कि शेहला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने सेना के खिलाफ किए गए ट्वीट को लेकर एफआईआर दर्ज करवाई थी।

shehla rashid

गौर करने वाली बात है कि 6 सितंबर को शेहला रशीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। उन्होंने जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 के हटने के बाद सेना पर आरोप लगाया था कि सेना लोगों के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट कर रही है। शेहला ने आरोप लगाया था कि सेना लड़को को उनके घर से गैर कानूनी तरीके से उठा रही है, लोगों के घर में छानबीन कर रही है. लोगों को बंधक बनाकर दहशत फैलाई जा रही है।

शेहला रशीद के आरोपों के बाद उनके खिलाफ सेना के को लेकर फर्जी खबरें फैलाने का मामला दर्ज हुआ था। खुद भारतीय सेना ने ट्वीट करके तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया था। शेहला के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनपर निशाना साध रहे थे। लेकिन जिस तरह से सेना ने इन तमाम आरोपों को खारिज किया था उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने फर्जी खबरें फैलाने का आपराधिक मामला दर्ज कराया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। लेकिन पटियाला कोर्ट ने शेहला को राहत देते हुए उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम छूट दी है।

इसे भी पढ़ें- तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग केस: पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह दिल का दौरा, पुलिस ने हटाई हत्‍या की धारा

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Big relief to Shehla Rashid in her alleged tweet against Indian army.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more