बड़ा खुलासा, जम्मू-कश्मीर में गैरकानूनी तरीके से रह रहे 27 रोहिंग्या मुसलमानों के पास है सिम कार्ड
नई दिल्ली। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के विस्थापित होने के बाद लगातार उन्हें बसाने को लेकर विवाद चल रहा है। एक तरफ जहां रोहिंग्या मुसलमानों पर आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है तो दूसरी तरफ आरटीआई में खुलासा हुआ है कि जम्मू कश्मीर में अवैध तरीके 27 रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं। यह सभी रोहिंग्या मुसलमान ना सिर्फ यहां गैर कानूनी तरीके से रह रहे हैं बल्कि उनके पास जम्मू कश्मीर का सिम कार्ड भी है।

लोगों के पास सिम कार्ड
जम्मू कश्मीर में रोहिंग्या मुसलमानों की जानकारी के लिए दायर एक आरटीआई में यह खुलासा हुआ है। आरटीआई के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि जम्मू कश्मीर में 27 रोहिंग्या परिवार रह रहे हैं और यहां कुल 1988 रोहिंग्या मुसलान रह रहे हैं। यह सभी रोहिंग्या मुसलमान जम्मू तहसील में रह रहे हैं और उनके पास मोबाइल नंबर भी हैं। इस बाबत एक्टिविस्ट रोहित चौधरी ने एक पीआईएल दायर की थी, जिसमे इसका खुलासा हुआ है।
सरकार गंभीर नहीं
आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित चौधरी का कहना है कि इस जानकारी से साफ हो गया है कि लोगों के पास फर्जी दस्तावेज हैं और उन्हें यहां के स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं। सरकार को इस बात की जानकारी है कि इन रोहिंग्या परिवारों के पास सिम कार्ड है और वह आसानी से यहां फर्जी दस्तावेज के जरिए सिम कार्ड हासिल कर रहे हैं। सरकार अगर चाहे तो दस्तावेजों के आधार पर आसानी से इनकी धरपकड़ कर सकती है, लेकिन सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
अखबार में छपे विज्ञापन
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जम्मू कश्मीर के स्थानीय अखबारों में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर चिंता जाहिर की गई थी। 27 फरवरी को प्रकाशित कराए गए विज्ञापन में कहा गया है कि 'रोहिंग्या एक टाइम बम हैं, जम्मू को बचाने के लिए इन्हें यहां से निकालें।' इसके अगले दिन यानी 28 फरवरी को जारी किए गए विज्ञापन में कहा गया है कि 'अमन पसंद जम्मूवासियों पर रोहिंग्याओं का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। सभी एक हो कर जम्मू को बचाएं।'












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