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Khushwant Singh की किताब को देखकर भड़के रेलवे अफसर, अश्लील बताकर स्टॉल से हटवाया

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के रेलवे स्टेशन पर उस समय एकदम से माहौल गंभीर हो गया, जिस वक्त रेलवे बोर्ड की यात्री सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न स्टेशन की एक बुकस्टॉल के संचालक पर बुरी तरह से भड़क उठे क्योंकि उसकी बुकस्टॉल में मशहूर लेखक खुशवंत सिंह का लोकप्रिय उपन्यास 'औरतें, सेक्स, लव और लस्ट' रखा हुआ था, रमेश चंद्र ने कहा कि ये उपन्यास काफी अश्लील है इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।

    Khushwant Singh के Novel देख रेलवे अधिकारी को आया गुस्सा, स्टेशन पर बैन की किताब। वनइंडिया हिंदी
    अश्लील साहित्य को बेचने से रोकें अधिकारीगण: रमेश चंद्र

    अश्लील साहित्य को बेचने से रोकें अधिकारीगण: रमेश चंद्र

    उन्होंने स्टॉल संचालक से कहा कि इस प्रकार के साहित्य वो अपने स्टॉल में ना रखे यही नहीं उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वो इस बात को समय समय पर जांचें कि इस तरह का अश्लील साहित्य रेलवे स्टेशन में कोई ना बेच पाए, उन्होंने कहा कि इस तरह के साहित्य लोगों को खासकर युवाओं को गुमराह करते हैं और उनके अंदर गलत भावनाएं प्रेरित करते हैं, युवाओं को भटकाने वाली सामग्रियों से दूर रखना चाहिए इसलिए इस तरह की अश्लील और भड़काऊ किताबों को नहीं बेचना चाहिए।

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    कौन हैं खुशवंत सिंह?

    कौन हैं खुशवंत सिंह?

    खुशवंत सिंह देश के मशहूर पत्रकार, लेखक, उपन्यासकार और इतिहासकार के रूप में मशहूर रहे हैं, पद्म विभूषण से सम्मानित खुशवंत सिंह 'ट्रेन टू पाकिस्तान' , 'औरतें, सेक्स, लव और लस्ट'और 'देल्ही' जैसी दर्जनों किताबों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कलम ने कभी लोगों को काफी खुश किया तो कभी उनकी कलम ने लोगों को एक बड़ी बहस का मौका भी दिया। बेहद ही जिंदादिल लेखक खुशवंत सिंह खाने-पीने के काफी शौकिन और बेबाक टिप्पणी के लिए जाने जाते थे जिसकी वजह से उन्हें कभी-कभी आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ता था। अपनी लेखनी में खुद खुशवंत सिंह ने माना था कि उनके लिए सुंदर महिलाएं हमेशा ही कमजोरी रही हैं, वह खुद कहते थे कि महिलाएं वासना की वस्तु हैं।

    किताब 'ट्रेन टू पाकिस्तान'

    किताब 'ट्रेन टू पाकिस्तान'

    2 फरवरी 1915 को पाकिस्तान के हदेली में जन्मे खुशवंत सिंह ने कभी परंपराओं की बेड़ियों में खुद को नहीं जकड़ा और खुद को एक नये सांचे में ढालते हुए नई पत्रकारिता को जन्म दिया, जो कि बेबाक थी, निडर थी और कभी-कभी विवादित भी। भारत-पाकिस्तान दोनों जगह बेहद ही लोकप्रिय खुशवंत सिंह की किताब 'ट्रेन टू पाकिस्तान' पर फिल्म भी बन चुकी है, उनके अनुपम काम के चलते ही उन्हें 1974 पद्म भूषण और 2007 में 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया था, एक पत्रकार के रूप में भी इन्होंने बहुत लोकप्रियता हासिल की थी, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में भी खुशवंत सिंह ने काम किया था।

    लंदन से ही कानून की डिग्री ली

    खुशवंत सिंह ने 'गवर्नमेंट कॉलेज', लाहौर और 'कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी' से शिक्षा पाई थी। इसके बाद लंदन से ही कानून की डिग्री हासिल की थी, खुशवंत सिंह का विवाह कंवल मलिक के साथ हुआ। इनके बेटे का नाम राहुल सिंह और पुत्री का नाम माला है।

    आकाशवाणी में भी किया काम

    खुशवंत सिंह 1951 में आकाशवाणी से जुड़े थे और 1951 से 1953 तक भारत सरकार के पत्र 'योजना' का संपादन भी किया था। मुंबई से प्रकाशित साप्ताहिक 'इल्लस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया' और 'न्यू डेल्ही' के संपादक का भी काम इन्होंने संभाला था, साल 1983 तक दिल्ली के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक 'हिन्दुस्तान टाइम्स' के ये संपादक भी रहे थे।

    क्या है 'औरतें, सेक्स, लव और लस्ट' की कहानी

    क्या है 'औरतें, सेक्स, लव और लस्ट' की कहानी

    'औरतें, सेक्स, लव और लस्ट' एक ऐसे धनी बने व्यक्ति की कहानी है जो कि झगड़ालू बीवी से तालाक हो जाने के बाद हर रात कामवासना की अपनी स्वभाविक इच्छा की पूर्ती के लिए एक के बाद एक अनेक स्त्रियों से सम्बन्ध स्थापित करता है। उसका मानना है कि कामेच्छा ही सच्चे प्यार की मूल आवश्यकता है, और इस उद्देश्य से वह समाचारपत्रों में विज्ञापन देकर अपने लिए संगिनियों की तलाश करता है।

    99 साल की उम्र में हुआ निधन

    खुशवंत सिंह उपन्यासकार, इतिहासकार और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में विख्यात हैं। उनके अनेक उपन्यासों में प्रसिद्ध हैं- 'डेल्ही', 'ट्रेन टू पाकिस्तान', 'दि कंपनी ऑफ़ वूमन' और ‘खुशवंतनामा : दी लेसंस ऑफ माई लाइफ','सिक्खों का इतिहास' 'वोमेन: लव एंड लस्ट" रही है। इसके अलावा उन्होंने लगभग 100 महत्वपूर्ण किताबें लिखीं। उनका निधन 99 साल की उम्र में 20 मार्च 2014 को नई दिल्ली में हुआ था।

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    English summary
    A senior official of the Railway Board directed a book vendor at the city's railway station to stop selling renowned writer Khushwant Singh's novel Women, Sex, Love and Lust, saying that such obscene literature may spoil the future generation.
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