• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

वेश्याओं के 51 बच्चों को भय्यूजी महाराज ने दिया था पिता के तौर पर अपना नाम

By Ankur Kumar Srivastava
|

इंदौर। संत और आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने मंगलवार को इंदौर स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक भय्यूजी महाराज ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सिर के बीचो-बीच में गोली मारी है। वह अपने खंडवा रोड स्थित इलाके के अपने मकान की पहली मंजिल पर थे। गोली की आवाज सुनने के बाद उनके आवास में मौजूद लोग उनके कमरे की ओर दौड़े। उन्होंने लहूलुहान भय्यूजी को बॉम्बे अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। भय्यूजी महाराज गृहस्थ जीवन में रहते हुए संत-सी जिंदगी जीते थे। उनकी वाणी में ओज था तो चेहरे पर तेज। वो बिल्‍कुल अलग तरह के ही संत थे। एक किसान की तरह वह अपने खेतों को जोतते-बोते थे तो बढ़िया क्रिकेट भी खेलते थे। उन्होंने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज सेवा के बडे़ काम किए थे। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंडारपुर में रहने वाली वेश्याओं के 51 बच्चों को उन्होंने पिता के रूप में अपना नाम दिया था।

700 बच्चों का आवासीय स्कूल बनवाया था भय्यूजी महाराज ने

700 बच्चों का आवासीय स्कूल बनवाया था भय्यूजी महाराज ने

मध्‍य प्रदेश के बुलडाना जिले के खामगांव में भय्यूजी महाराज ने आदिवासियों के बीच 700 बच्चों का आवासीय स्कूल बनवाया था। इस स्कूल की स्थापना से पहले जब वह पार्धी जनजाति के लोगों के बीच गए थे तो उन्हें पत्थरों से मार कर भगा दिया गया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिर में उनका भरोसा जीत लिया था।

तलवारबाजी में महारात थी, मॉडलिंग में भी नहीं थे पीछे

तलवारबाजी में महारात थी, मॉडलिंग में भी नहीं थे पीछे

घुड़सवारी और तलवारबाजी में भय्यूजी महाराज को महारत तो थी ही वह कविताएं भी लिखते थे। जवानी में उन्होंने सियाराम शूटिंग शर्टिंग के लिए पोस्टर मॉडलिंग भी की थी। मजेदार यह है कि वह फेस रीडर भी थे। भय्यूजी महाराज ग्लोबल वॉर्मिंग से भी चिंतित थे इसीलिए गुरु दक्षिणा के नाम पर एक पेड़ लगवाते थे। अब तक 18 लाख पेड़ उन्होंने लगवाए थे।

आयुषी से हुई थी दूसरी शादी, पीएचडी हैं वो

आयुषी से हुई थी दूसरी शादी, पीएचडी हैं वो

आयुषी शर्मा से भय्यू महाराज का परिचय बहुत पुराना नहीं था। उनका परिवार मूलत: शिवपुरी का है और उन्होंने पीएचडी की है। कुछ समय पहले पारिवारिक सदस्य के माध्यम से ही वह भय्यू महाराज से जुड़ीं। भय्यू महाराज की माताजी और बहनों के आग्रह पर दोनों ने विवाह का निर्णय लिया था। भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी माधवी का नवंबर 2015 में निधन हो गया था। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज कुछ समय पूर्व सार्वजनिक जीवन से संन्यास की घोषणा कर चुके थे।

अधिक मध्य प्रदेश समाचारView All

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Bhayyuji Maharaj Commits Suicide By Shooting Himself, Know some unknown facts about him.
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more