क्या COVAXIN कम असरदार है? भारत बॉयोटेक ने दिया रिपोर्ट पर जवाब
नई दिल्ली, 9 जून। पूरी तरह से भारत में विकसित कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने वाली भारत बॉयोटेक ने कोवैक्सीन को लेकर जताई आशंकाओं को खारिज कर दिया है। कंपनी ने कहा है कि भारत में निर्मित टीकों की पहली और दूसरी खुराक के बाद स्पाइक प्रोटीन की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के मूल्यांकन पर की गई हालिया रिपोर्ट में बहुत सारी कमियां थी।

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एक पत्रिका ने हाल ही में भारत में दी जा रही दो वैक्सीन को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें कहा गया था कि कोवैक्सीन की तुलना में कोविशील्ड से अधिक एंटीबॉडी मिलती है।
प्रकाशन की वैधता पर सवाल
भारत बॉयोटेक ने कहा है कि यह रिपोर्ट ना तो समीक्षा प्रकाशन है और ना ही सांख्यिकीय और वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किया गया अध्ययन है। यह रिपोर्ट डिजाइन और व्यवहार की पूर्व निर्धारिक परिकल्पना के बजाय अनौपचारिक विश्लेषण को दिखाता है। कंपनी ने रिपोर्ट के बारे में कहा है कि यह अध्ययन सीटीआरआई की वेबसाइट पर पंजीकृत नहीं था और न ही सीडीएससीओ और एसईसी द्वारा इसे अनुमति मिली है।
कोवैक्सीन निर्माता ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि फेज-3 डेटा को पहले सीडीएससीओ के सामने रखा जाएगा। उसके बाद इसे समीक्षा प्रकाशनों के लिए तीन महीने की समय सीमा के साथ बताया जाएगा। कंपनी ने एक बार फिर बताया कि कोवैक्सीन के फेज-3 ट्रायल परिणाम के डेटा जुलाई के दौरान सार्वजनिक किए जाएंगे।
भारत बॉयोटेक ने कहा है कि एक बार जब फेज-3 अध्ययन के अंतिम विश्लेषण उपलब्ध हो जाएंगे तब कंपनी कोवैक्सीन के पूर्ण लाइसेंस के लिए आवेदन किए जाएंगे।












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