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जेएनयू में होता भगत सिंह का अपमान

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नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) देश के वामपंथी विचारों के गढ़ माने-समझे जाने वाले जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में शहीद भगत सिंह का अपमान हो रहा है। इधर उनको लेकर साल 2007 से कोई रिसर्च नहीं हो रही। यानी कि शहीद भगत सिंह चेयर में कोई काम नहीं हो रहा। चेयर की स्थापना भगत सिंह पर रिसर्च के लिए ही हुई थी।

Bhagat Singh Chair is in shambles in JNU

शिफ्ट करने की योजना

अब शहीद भगत सिंह चेयर को जेएनयू से राजधानी के ही जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में शिफ्ट करने की योजना चल रही है मानव संसाधन मंत्रालय में। भगत सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध करने के लिए साल 2007 में दो करोड़ रुपये दिए गए थे।

जामिय में चेयर

जानकारी के अनुसार, मानव संसाधन मंत्रालय पहले ही जामिया में ही भगत सिंह चेयर स्थापित करना चाह रही थी। पर भगत सिंह पर लगातार शोध करने वाले डा. चमन लाल के जेएनयू से जुड़ा होने के कारण मंत्रालय ने जेएनयू में भगत सिंह चेयर स्थापित की। सूत्रों ने बताया कि भगत सिंह चेयर की स्थापना के इतने साल गुजरने के बाद भी जेएनयू में कोई प्रोफेसर नियुक्त नहीं हुआ।

चेयर की दुर्दशा

जेएनयू में भगत सिह चेयर की दुर्दशा पर डा.चमन लाल ने कहा कि उनके प्रयासों से चेयर स्थापित हुई। उन्हें इस बाबत कांग्रेस के सांसद शशि भूषण से मदद मिली। उन्होंने कहा कि मैं जेएनयू को लेकर इसलिए गंभीर था क्यों वहां पर तब प्रो. बिपिन चंद्रा पढ़ाते थे। वे भगत सिंह पर गहन अध्ययन कर चुके थे। जानकारों ने कहा कि ये बेहद अफसोस की बात है कि जेएनयू में भगत सिंह पर कोई काम नहीं हुआ।

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English summary
Bhagat Singh Chair is in shambles in JNU. Now, there is a plan to shift the chair from JNU to Jamia Millia Islamia University.
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