• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बंगाल में हिंसा के दौरान कई महिलाएं हुई गैंगरेप की शिकार! इंसाफ के लिए पहुंची सुप्रीम कोर्ट

|
Google Oneindia News

नई दिल्ली, जून 14। पश्चिम बंगाल में हिंसा को लेकर विधानसभा चुनाव से पहले और बाद की स्थिति कोई खासा फर्क नहीं है। चुनावी नतीजों के दिन ही बंगाल में कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई थी और तब से लेकर अब तक बंगाल के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल की कुछ महिलाओं ने हिंसा के दौरान खुद के साथ गैंगरेप होने की बात कही है और इन महिलाओं ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया है। इस संबंध में कई महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन महिलाओं ने उस दौरान अपने साथ हुई वारदातों के बारे में कोर्ट के समक्ष बताते हुए इस मामले की एसआईटी जांच की मांग उठाई है। महिलाओं ने कोर्ट के सामने 4 मई को उनके साथ हुई बदसलूकी का हाल बताया है।

Supreme court

पोते के सामने ही 60 वर्षीय महिला से रेप

सुप्रीम कोर्ट में एक 60 वर्षीय महिला ने बताया कि 4 मई की रात उनके घर में टीएमसी के कार्यकर्ता जबदस्ती घुस आए थे और उन्होंने महिला के पोते के सामने ही उनके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने बताया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घर में लूट भी की। यह मामला मेदिनीपुर जिले का है, जिसपर महिला का कहना है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बदला लेने के लिए रेप जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।

बंगाल पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप

सुप्रीम कोर्ट में दी गई अपनी अर्जी में महिला ने आरोप लगाया कि बंगाल में पुलिस की निष्क्रियता के चलते ऐसी घटनाओं को बढावा मिल रहा है। एक महिला ने आप बीती बताते हुए कहा कि उसके पति ने बीजेपी के लिए प्रचार किया था, जिसके चलते टीएमसी के लोगों ने दिनदहाड़े उन्हें कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतार दिया।इसके बाद उसके साथ भी रेप की कोशिश की गई।

रेप के बाद परिवार को मारने की धमकी

एक 17 वर्षीय नाबालिग ने भी कोर्ट में टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ इसी तरह के गंभीर आरोप लगाए। लड़की का कहना है कि पहले 9 मई को टीएमसी के लोगों ने जगंल में उसके साथ रेप कर उसे वहीं मरने के लिए छोड़ दिया। इसके बाद अगले दिन टीएमसी के नेता उसके घर पर आकर धमकी दी कि अगर उसने मामले की शिकायत पुलिस में की तो उसका घर जलाकर पूरे परिवार जान से मार देंगे।

मई में कोर्ट ने बंगाल सरकार को जारी किया था नोटिस

आपको बता दें कि इससे पहले बंगाल मे चुनाव के बाद हुई हिंसा में बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं की हत्या के आरोप में अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। इस पर मई में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था। इसके अलावा 4 जून को कोलकाता हाई कोर्ट ने भी बंगाल सरकार को इस संबंध में आदेश जारी किया था। आदेश में प्रशासन को हिंसा के बाद घरों को छोड़कर भागे लोगों को वापस बसाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिया गया था।

ये भी पढ़ें: 'ममता बनर्जी का कोई मुकाबला नहीं, BJP धोखेबाज है', बंगाल की सड़कों पर माफी मांगते घूम रहे भाजपा कार्यकर्ताये भी पढ़ें: 'ममता बनर्जी का कोई मुकाबला नहीं, BJP धोखेबाज है', बंगाल की सड़कों पर माफी मांगते घूम रहे भाजपा कार्यकर्ता

English summary
Bengal rape survivors moved to Supreme court allegations TMC worker
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X