ब्यास नदी हादसा: 5 छात्रों के शव बरामद, हिमाचल हाई कोर्ट हुआ सख्त, 16 जून तक मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली। किसी को भी इस बात का आभास नहीं राहा होगा कि कॉलेज ट्रिप पर घूमने गए छात्रों के साथ ऐसा हादसा होगा कि पूरा देश स्तब्ध रह जाएगा। जो छात्र चंद मिनटों पहले ब्यास नदी के नजारों की तस्वीरे खींच रहे थे उन्हीं छात्रों को ब्यास नदी लील ले गई। बांध का पानी बिना किसी पूर्व कारर्वाई के छोड़ दिया गया और देखते ही देखते पानी 6-7 फिट तक ऊपर बढ़ गया।
मंगलवार को संसद की कार्रवाई से पहले सभी सांसदों ने ब्यास नदी में डूबकर मरने वाले सभी छात्रों के प्रति श्रद्धांजलि दी गई। मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर सुमित्रा महाजन ने रविवार को मंडी जिले में ब्यास नदी में डूबने से मरे 24 छात्रों को श्रद्धांजलि दी। राज्यसभा में भी कार्यवाही शुरू होने से पहले मृत छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई।
देखें वो दर्दनाक वीडियो जिसमें साफ दिखेंगे ब्यास नदी में बहते हुए छात्र
उन्होंने राज्य सरकार को इस घटना पर 16 जून तक स्थिति रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा है। वहीं छात्रों को खोजने के लिए राष्ट्रीय आपदा त्वरित बल (एनडीआरएफ) के कर्मचारी और सेना के जवान बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इतना समय बीत जाने के बाद अब अन्य छात्रों के जीवित बचे होने की उम्मीद बहुत कम है।

ब्यास नदी में डूबने वाली ऐश्वर्या
बचावकर्मियों ने मंडी जिले में ब्यास नदी में रविवार को बह गए हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज के पांच छात्रों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि 19 अन्य छात्रों के बारे में अभी कुछ भी पता नहीं चला है।

बनोथ रामबाबू
10 गोताखोरों के साथ 84 लोगों की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है. हनोगी माता मंदिर के पास थलोट (जहां दुर्घटना हुई) से पंडोह बांध तक खोज अभियान जारी है।

अकुला विजेता
ब्यास नदी की तेज धारा की चपेट में आने वाले छात्र हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज वीएनआर विज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के थे, जो मनाली घूमने गए थे।

लक्ष्मी गायत्री
दुर्घटना स्थल राज्य की राजधानी शिमला से करीब 200 किलोमीटर दूर और कुल्लू-मंडी जिलों की सीमा पर है।

नदी किनारे खड़े होकर फोटो ले रहे छात्र हुए हादसे का शिकार
60 से ज्यादा छात्र और फैकल्टी सदस्य मनाली पहुंचे थे। उनमें से कुछ नदी किनारे खड़े होकर फोटो ले रहे थे, जब पास की ही एक पनबिजली परियोजना के बांध से छोड़े गए पानी के कारण ब्यास नदी की तेज धारा में बह गए। यह पानी बिना किसी पूर्व सूचना के छोड़ा गया था, जिसकी वजह से नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया।

कॉलेज ट्रिप पर जाने से पहले की तस्वीर
ब्यास नदी की तेज धारा की चपेट में आने वाले छात्र हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज वीएनआर विज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के थे, जो मनाली घूमने गए थे।












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