कैश-वैन ओनर्स ने पंजाब में किया विरोध प्रदर्शन, गाइड लाइंस से भड़के
चंडीगढ़। कैश वैन ओनर्स एसोसिएशन, पंजाब ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के खिलाफ शनिवार को विरोध रैली आयोजित की। रैली में लोगों ने काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री और गृहमंत्री से गुहार लगाई कि कैश वैन में काम करने वालों की नौकरियों को बचाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने आरबीआई की ओर से रखी गई शर्तों में सुधार की भी मांग की। एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि आरबीआई की ओर से जो शर्तें रखी गई हैं, उनमें कहा गया है कि कैश वैन कंपनी की नेटवर्थ 100 करोड़ रुपए की होनी चाहिए।

एक शर्त यह भी है कि विशेष तौर पर तैयार की गई 300 कैश वैन का न्यूनतम बेड़ा भी कंपनी के पास होना चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के खिलाफ अभियान है। यह प्रदर्शन इसलिए है, क्योंकि आरबीआई की पहली शर्त को पूरा नहीं कर सकते कि सेवा देने वाली कंपनी की नेटवर्थ 100 करोड़ रुपए की होनी चाहिए। 300 विशेष कैश वैन का न्यूनतम बेड़ा भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैश वैन मालिकों के साथ यह अन्याय है और इससे कारोबार तो बंद होगा ही साथ ही इन कैश वैन पर काम करने वाले सैकड़ों लोग भी नौकरियां गंवा देंगे।
पंजाब में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रिटायर्ड नाइट डिटेक्टिव और सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ने कहा कि आरबीआई की ओर से उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर छोटी वैन मालिकों के अस्तित्व को खत्म करने के मकसद से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान भी अतिरिक्त वैन प्रदान की गई थीं, लेकिन अब बैंक आरबीआई दिशा-निर्देशों की गलत व्याख्या कर रहे हैं और इन तथाकथित दिशा-निर्देशों के नाम पर कैश वैन सेवा देने वालों को प्रभावित कर रहे हैं।












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