मनी लॉड्रिंग के आरोपों से आहत बैंक कैशियर ने की आत्महत्या

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बेंगलुरू। नोटबंदी के ऐलान के बाद देशभर के बैंकों में नोटों की अदला बदली का काम चल रहा है, कई जगहों से बैंकों के भीतर अनियमितता की भी खबर आई। लेकिन बेंगलुरू में 57 वर्षीय बैंक कैशियर को जब गलत तरह से नोटों की बदली के आरोप लगा तो उसने आत्महत्या कर ली। बगेंलुरू के विवेक नगर में रहने वाले बैंक कर्मचारी रवि राज ने बुधवार को सुबह आत्महत्या कर ली।

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अपने खिलाफ कार्रवाई का था डर

रवि राज स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की अवेन्यू रोड शाखा में कार्यरत थे और उनका घर विवेक नगर के वन्नेरपेट में है। जबसे उन्हें इस बात की जानकारी मिली थी कि गलत तरीके से नोट बदलने के चलते उनके खिलाफ जांच चल रही है तो उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला ले लिया। रवि के घरवालों का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा था कि बैंक उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है, इसी डर से उन्होंने आत्महत्या कर ली। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्होंने कोई भी सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।

टीवी चैनल की खबर से थे आहत

स्थानीय मीडिया के अनुसार एक टीवी चैनल पर यह खबर चली कि रवि राज व उनके सहकर्मियों के खिलाफ जांच शुरु हो गई है, कुछ चैनलों ने यहां तक कहा कि उनके खिलाफ सीबीआई जांच शुरु हो गई है और उनके खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज करा दिया है। हालांकि बैंक के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि रवि राज के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी और ना ही उनके खिलाफ कोई आरोप था।

मुश्किल हो रहा था लोगों को जवाब देना

रवि राज अपने बड़े भाई गोविंद राज के साथ विवेकनगर में रहते थे, जब वह सुबह टहलने गए और वापस 8 बजे घर आए तो उन्होंने देखा कि रवि अपने स्टडी रुम में चला गए। लेकिन जब उनकी पत्नी ने दरवाजा खटखटाया तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, बहुत कोशिश के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह घर के छज्जे पर गई तो उन्होंने देखा कि उनके पति ने खुद को पंखे से लटका लिया है। जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने दरवाजा तोड़ा और रवि राज के शव को नीचे उतारा और पुलिस को इस बात की जानकारी दी।

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परिवार का कहना है कि राज मीडिया में आ रही खबरों से परेशान थे, रवि राज के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार उन्हें फोन करके इस बारे में पूछते थे कि क्या हुआ है, ऐसे में उनके लिए जवाब देना बहुत मुश्किल हो रहा था। जिसके चलते वह डिप्रेशन में चले गए और उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला ले लिया। हालांकि बैंक के स्टॉफ का कहना है कि वह पिछले 25 सालों से बैंक में काम कर रहे थे और उनपर किसी भी तरह का संदेह नहीं था, जो खबरें सामने आई कि सीबीआई ने बैंक में छापेमारी की और कर्मचारियों से पूछताछ की वह निराधार है।

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English summary
Bank cashier committed suicide after he was blamed of money laundering. Police says there was no case against him.
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