तसलीमा नसरीन को हुआ भारत से प्यार, कहा- 'कई सभ्य देश इतने उदार नहीं हो सकते हैं'
नई दिल्ली, 19 जुलाई। अपने Tweet कि वजह से हमेशा विवादों में रहने वाली बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने अपने ताजा ट्ववीट में कहा है कि 'मैं भारत से प्यार करती हूं क्योंकि यहां एक मुस्लिम, एक सिख, एक दलित, एक महिला, एक नास्तिक या एक आदिवासी व्यक्ति भारत का राष्ट्रपति या राज्य का मुखिया हो सकता है। कई सभ्य और उदार देश भी इतने उदार नहीं हो सकते हैं।' तस्लीमा का ये ट्वीट इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं।

आदिवासी समुदाय की द्रौपदी मूर्मु राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं
मालूम हो कि इस बार भारत में एनडीए की तरफ से द्रौपदी मूर्मु राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं, अगर वो ये चुनाव जीत जाती हैं तो वो आदिवासी समुदाय की देश के शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए चुनाव 18 जुलाई को मतदान हुआ है, जिसके बाद अब 21 जुलाई को मतगणना होगी और 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा।

ज्वलंत मुद्दों पर तसलीमा नसरीन रखती हैं राय
आपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है, जब तसलीमा नसरीन ने इस तरह से ज्वंलत मुद्दे परअपनी राय रखी है। हाल ही में जब बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए बयान और फिल्म 'काली' के पोस्टर पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की टिप्पणी पर हंगामा मचा था, तब भी नसरीन ने ऐसा ट्वीट किया था, जिसको लेकर वो काफी दिनों तक सुर्खियों में रही थीं।

'...तो आप किसी के भी विचार का समर्थन नहीं करेंगे'
दरअसल तब नसरीन ने ट्वीट किया था कि 'यदि आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं, तो आप शर्मा और मोइत्रा दोनों के विचार का समर्थन करेंगे। यदि आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास नहीं करते हैं, तो आप न ही शर्मा और ना ही मोइत्रा, किसी के भी विचार का समर्थन नहीं करेंगे।'
'निंदा करने का अधिकार सभी को है'
इसके बाद उन्होंने लिखा था कि 'कोई भी आदमी पवित्र आदमी नहीं है। कोई पुस्तक पवित्र नहीं है। कोई स्थान पवित्र स्थान नहीं है, ईशनिंदा के खिलाफ कानून को खत्म किया जाना चाहिए। निंदा करने का अधिकार सभी को है।'












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