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IS के भेदिये की सूचना पर ही मारा गया सरगना बगदादी, इंटेलिजेंस सूत्रों का बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली- खौफनाक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सरगना अबु बकर अल बगदादी की मौत को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। अब अंतराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट्स में ये जानकारी सामने आ रही है कि बगदागी के घर के भेदिये ही आखिरकार उसकी मौत की वजह बने गए। जानकारियों से साफ हो गया है कि अमेरिका और इराकी इंटेलिजेंस ने बगदादी के बेहद करीब गुर्गों से बार-बार मिली सूचनाओं को जोड़कर ही उस तक पहुंचने में कामयाबी पायी और हाल के दिनों में उनके पास उसके हर मूवमेंट की जानकारी पहुंच रही थी और उसपर इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस से भी नजर रखी जा रही थी। वह कैसे-कहां और कब ठिकाना बदलता है, एक-एक बात की पुख्ता जानकारी सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद थी और आखिरकार इसी के चलते वह घिर गया और उसकी ही तरह उसके खुद का भी खौफनाक अंत हो गया।

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    बगदादी के भेदिये ही उसका काल बन गए

    बगदादी के भेदिये ही उसका काल बन गए

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इराकी अधिकारियों ने बताया कि उनके हत्थे चढ़े इस्लामिक स्टेट के कुछ बड़े आतंकियों ने फरवरी 2018 में इस बात की भनक दी थी कि उनका सरगना इतने वर्षों से कैसे सुरक्षा बलों को चकमा देता आया है। बगदादी के ऐसे ही गुर्गों में से एक इस्माइल अल-एथावी ने इराकी अधिकारियों से कहा था कि कई बार सब्जियों से लदी मिनी बस में अपने कमांडरों के साथ वह रणनीतियां तय करता है ताकि सुरक्षा बलों की गिरफ्त में आने से बच सके। इराकी सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक एथावी से मिली सूचनाओं की कड़ियों को जोड़कर उन्हें बगदादी की गतिविधियों और उसके छिपने के ठिकानों की जानकारी मिल पाई। उसी ने इराकी अधिकारियों को बगदादी के पांच खास लोगों की सूचना दी थी, जिसमें खुद वह भी शामिल है। इराकी अधिकारियों के मुताबिक, "एथावी ने हमें उसके अलावा उन पांच लोगों की विस्तार से जानकारी दी, जिनसे बगदादी सीरिया में और दूसरे ठिकानों पर अक्सर मिलता रहता था।"

    कौन है एथावी ?

    कौन है एथावी ?

    बगदादी तक पहुंचने में एथावी जैसे आतंकियों से मिली जानकारी बहुत ही कारगर साबित हुई। बता दें कि इस्लामिक साइंसेज में पीएचडी इस्माइल अल-एथावी अपने सरगना के पांच बड़े गुर्गों में से एक माना जाता था। इराकी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वह 2006 में अल-कायदा में शामिल हुआ और 2008 में अमेरिकी सेना के हत्थे चढ़ने के बाद चार साल तक जेल में कैद रहा। एथावी पर बगदादी को कितना भरोसा था, यह इसी से पता चलता है कि उसे उसने इस्लामिक स्टेट के कमांडरों को चुनने और धार्मिक निर्देश देने का जिम्मा सौंप रखा था। लेकिन, जब 2017 में आईएस टूट गया तो एथावी अपनी सीरियन पत्नी के साथ सीरिया भाग गया था। लेकिन, बाद में वह फिर अपने आका तक पहुंच गया।

    दो दिन पहले मिनी बस की सवारी, अंतिम यात्रा साबित हुई

    दो दिन पहले मिनी बस की सवारी, अंतिम यात्रा साबित हुई

    एथावी के अलावा बगदादी के कुछ और करीबियों ने भी उस तक पहुंचाने में अमेरिका की बहुत मदद की है। मसलन, इस साल की शुरुआत में अमेरिका, तुर्की और इराकी खुफिया एजेंटों ने इस्लामिक स्टेट के कुछ बड़े आतंकियों को धर-दबोचा था, जिसमें चार इराकी और एक सीरियाई थे। इराकी अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने बगदादी के अहम ठिकानों के बारे में कई जानकारियां दी थीं, जिसके आधार पर उन इलाकों में सीआईए के साथ तालमेल से कुछ और सूत्रों को वहां तैनात किया गया था। अधिकारी ने कहा कि, "2019 के मध्य में हम इदलिब का पता लगाने में कामयाब हो गए, जहां बगदादी अपने परिवार और तीन खास सहयोगियों के साथ इस गांव से उस गांव के बीच घूम रहा था। " इसके बाद सीरियाई इनफॉर्मर ने एक तस्वीर से एथावी की पहचान कर ली जो इदलिब के बाजार में दिखा था। उसका पीछा करके वे उस घर तक पहुंच गए जहां बगदादी ठहरा हुआ था। यह सूचना सीआईए को दी गई, जिसने सैटेलाइट और ड्रोन की मदद से पिछले 5 महीनों के दौरान उसके ठिकानों का पता लगा लिया। दो दिन पहले ही बगदादी उस जगह को छोड़कर पहली बार अपने परिवार के साथ पास के गांव के लिए एक मिनी बस में सवार हुआ था। उसके जिंदा रहते यह उसकी अंतिम यात्रा थी।

    सीरिया में अपने दुश्मनों से भी भाग रहा था बगदादी

    सीरिया में अपने दुश्मनों से भी भाग रहा था बगदादी

    बगदादी सिर्फ अमेरिकी, सीरियाई और इराकी सुरक्षा बलों से ही नहीं भागता फिर रहा था, सीरिया में उसके कुछ दुश्मन भी उसकी तलाश में जुटे थे। इदलिब में हयात तहरिर अल-शाम नाम का एक प्रभावशाली संगठन भी उसकी सुराग ढूंढ़ने में जुटा हुआ था। यह संगठन पहले नुसरा फ्रंट के नाम से जाना जाता था, जिसका इदलिब पर दबदबा था। नुसरा फ्रंट और इस्लामिक स्टेट एक-दूसरे के खून के प्यासे थे और सीरियाई जंग के दौरान आपस में खूब लड़े थे। एक इदलिबी कमांडर के मुताबिक हयात तहरिर अल-शाम ने हाल ही में अबु सुलेमान अल-खालिदी नाम के बगदादी के एक खास सहयोगी को पकड़ा था, जो उसके अंतिम दो विडियो में उसके साथ मौजूद तीन लोगों में से एक था। कमांडर के मुताबिक खालिदी भी बगदादी तक पहुंचाने में बहुत मददगार साबित हुआ। इराक और सीरिया से सफाए के बाद बगदादी को लगता था कि इदलिब में वह छिपकर रह सकता है, लेकिन आखिरकार उसकी ये सोच भी गलत साबित हुई। माना जा रहा है कि इस इलाके में वह पिछले करीब 6 महीने से छिपा हुआ था।

    इसे भी पढ़ें- जिस ऑपरेशन में बगदादी मारा गया, उसमें सैनिकों और कुत्तों के अलावा रोबोट भी था साथ

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    English summary
    Abu Bakr al Baghdadi, the leader of the Islamic State, was killed due to clues from his own operatives
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