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अगर सीबीआई के हाथों चला गया बदायूं केस तो...

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cbi
लखनऊ। बदांयू में हुई शर्मशार हुई मर्दानगी के मर्ज का इलाज कैसे होगा? क्या सीबीआई बदायूं में हुए दुराचार व हत्याकांड की तफ्तीश का जिम्मा स्वीकार करेगी? या फिर सियासी हो चले इस कांड से दूर रहेगी? फिलहाल सीबीआई तो जांच के मूड में नज़र नहीं आ रही। वजह है कि सीबीआई की स्थानीय शाखा ने अब तक की पुलिस जांच को लेकर जो तथ्य जुटाए हैं, वे तफ्तीश को मंजूर करने के पक्ष में नहीं हैं।

उधर, प्रमुख सचिव गृह के पद से देर शाम हटाए गए अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को निर्धारित प्रोफार्मे पर पत्र भेज दिया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री हालांकि शनिवार को ही घोषणा कर दी थी लेकिन इसकी पुष्टि सोमवार को की गई। अब गेंद सीबीआई के पाले में है कि उसे स्वीकार करे या न। बदायूं कांड की सीबीआई जांच की मांग के साथ ही यह सवाल उठने लगा था कि सीबीआई जांच लेगी या नहीं।

डीजीपी आज जाएंगे बदायूं-

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस महानिदेशक ए.एल.बनर्जी को निर्देश दिए हैं कि वे मंगलवार को सबेरे आठ बजे बदायूं के गांव कटरा सआदतगंज पहुंचकर रेप के बाद फांसी पर लटका कर मार डाली गईं किशोरियों के परिवार से मिलें।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी से यह भी कहा है कि वे परिवार को दी जा रही सुरक्षा की जानकारी प्राप्त करें और मामले की जांच की प्रगति की समीक्षा भी करें। यादव ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि बदायूं से वापस लौटकर वे अपनी रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत करें।

यादव ने पुलिस महानिदेशक को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यालय में एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता में एक महिला प्रकोष्ठ का गठन करें। यह प्रकोष्ठ महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी अपराधों पर हो रही कार्रवाई की नियमित मॉनीटरिंग भी करे।

निर्भया की तरह हो बदायूं कांड की जांच-

किसान परिवार की दो बेटियों से गैंगरेप-हत्याकांड पर दिल्ली-लखनऊ में सियासी हंगामे के बीच केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को बदायूं के केरा सहादतगंज पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। पासवान ने कहा कि केरा कांड दिल्ली के दामिनी कांड जैसा है, इसलिए जांच और सुनवाई उतनी ही तेज रफ्तार से होनी चाहिए। दिल्ली पहुंचकर पासवान रात में केरा कांड की रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौपेंगे।

सांसद पुत्र चिराग पासवान के साथ केरा पहुंचे केंद्रीय मंत्री पासवान ने मीडिया से कहा कि केरा के पीड़ित परिवार अभी भी खतरे में हैं। प्रदेश की समाजवादी पार्टी के लिए शर्म की बात है कि बेटियों से हैवानियत और हत्या के बाद उनके परिजनों को धमकियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी सरकार का एक मंत्री भी केरा आकर पीड़ित परिवारों से मिलने तक का समय नहीं निकाल सके हैं।

युवा सीएम जनता की उम्मीदों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे हैं। गांवों में गरीबों के पास शौचालय तक नहीं है, जिसके चलते उनकी बेटियों के साथ ऐसी हैवानी वारदातें हो रही हैं। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव रेप की घटनाओं को लेकर जिस तरह के दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं, इसी वजह से यूपी में अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा और निर्भया कांड की तरह केरा कांड की त्वरित जांच व सुनवाई के लिए वह केंद्रीय स्तर पर प्रयास करेंगे।

सीएम रहने का हक नहीं: चिराग-

केंद्रीय मंत्री के सांसद पुत्र चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की सपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि युवा होने के नाते यूपी के युवा सीएम से कहना चाहता हूं कि उनको अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। केरा में हैवानियत के बाद जिंदा फांसी पर चढ़ा दिए जाने और वारदात में पुलिसवालों के भी शामिल होने से मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का हक खो चुके हैं।

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English summary
Badaun Gangrape Badaun brewing into a crisis for Akhilesh Yadav government
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