शहरों के नाम बदलने की मुहिम का बाबा रामदेव ने किया समर्थन, बोले- हमसे कुछ ऐतिहासिक भूलें हुई हैं
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के शहरों के नाम बदलने के लिए खूब चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का नाम बदलने की बात कहकर खूब सुर्खियां बटोरी थी। योगी आदित्यनाथ की इस मुहिम को अब योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) का भी समर्थन मिल गया है। यही नहीं बाबा रामदेव ने इस मुहिम को हरिद्वार तक लाने की बात कह डाली।

आदित्यनाथ ने कही थी हैदराबाद का नाम बदलने की बात
गोरखपुर पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ ने जब उत्तर प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली तो उनके एक काम जिसकी खूब चर्चा हुई थी वह थी दो शहरों के नाम बदलने की। योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या कर दिया था। लेकिन योगी आदित्यनाथ की नाम बदलने की मुहिम अब यही थमती नहीं दिख रही है।
भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल योगी आदित्यनाथ हाल ही में हैदराबाद के नगर निगम चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करने पहुंचे थे तो एक बार उन्होंने कभी हैदराबाद रियासत का प्रशासनिक केंद्र रहे इस ऐतिहासिक शहर का नाम बदलने की बात छेड़कर राजनीतिक पारे को गर्म कर दिया था। एक जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा था "लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या हैदराबाद भाग्यनगर हो सकता है ? मैने क्या क्यों नहीं ? लोग पूछते हैं कैसे ? हमने कहा देखिए उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई, हमने फैजाबाद को अयोध्या कर दिया। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया।वहां पर गंगा यमुना दो पवित्र नदियां मिलती हैं। भव्य कुंभ का आयोजन होता है, हमने उसका पौराणिक नाम कर दिया। तो फिर इसका (हैदराबाद) नाम भाग्यनगर क्यों नहीं हो सकता ?"

बाबा रामदेव ने गिना दिए कई शहरों के नाम
योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब योगी आदित्यनाथ की इस नाम बदलो मुहिम को समर्थन भी मिलने लगा है। समर्थन देने वालों में सबसे बड़ा नाम योग गुरु बाबा रामदेव का शामिल है। बाबा रामदेव ने कहा कि हैदराबाद का हैदर से कोई लेना-देना नहीं है। उसका ऐतिहासिक और प्राचीन गौरवपूर्ण नाम भाग्यनगर ही है और इसे भाग्यनगर ही होना चाहिए।
बाबा रामदेव ने न सिर्फ हैदराबाद बल्कि दूसरे शहरों के नाम बदलने की भी बात कह डाली। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझा भी डाला कि कैसे इस देश में नामों को लेकर ऐतिहासिक भूल हुई है। पत्रकारों से बात करते हुए बाबा रामदेव बोले, हां ये सत्य है कि कुछ ऐतिहासिक भूलें हमसे हुई हैं। रामदेव ने हरिद्वार में भी मुस्लिम नाम का जिक्र कर दिया और कहा कि उन्होंने हरिद्वार में जो योगग्राम बनाया है उसके बगल में औरंगाबाद नाम का गांव है। औरंगजेब का क्या लेना देना हरिद्वार में। हमारे तीर्थों के नाम भी बदल दिए गए। प्रयागराज को अल्लाहाबाद कर दिया।

हमारी पहचान मिटाने की कोशिश की गई- रामदेव
रामदेव ने तो यहां तक कह दिया कि प्रयागराज का अल्लाह से क्या लेना-देना ? मक्का-मदीना में अपना नाम रखें वो ठीक है। अयोध्या का नाम फैजाबाद, क्या लेना-देना फैज का वहां से? इसी तरह होरंगाबाद जिला महाराष्ट्र में है जिसे आज भी शम्भाजीनगर बोला जाता है। ऐसे कितने नाम है जिन्हें मुगलों ने कभी अंग्रेजों ने हमारी पहचान मिटाने की कोशिश की है।
नाम बदलने की मुहिम को समर्थन देने में मध्य प्रदेश में बीजेपी के नेता रामेश्वर शर्मा ने तो एक नया शहर भी जोड़ दिया। उन्होंने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद का भी नाम बदलने की मांग कर डाली। शर्मा ने कहा कि होशंगाबाद एक लुटेरे के नाम पर रखा गया है। हुशंग सहाय एक लुटेरा था और उसने मंदिर तोड़े थे। होशंगाबाद का असली नाम तो नर्मदापुरम है और वही होना चाहिए। उन्होंने भोपाल की ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक के नाम पर होना चाहिए।












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