'मुख्तार अव्वास नकवी को पीएम उम्मीदवार बनाएं, वे तो आडवाणी के दामाद हैं'

ईसी की ओर से चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगने के बाद भी यूपी के मंत्री और सपा नेता आजम खान लगातार विवादित बयान दे रहे हैं। यूपी के मंत्री आजम खान ने भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी को लालकृष्ण आडवाणी का दामाद बताकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। 'मुझे या नकवी को बनाएं पीएम उम्मीदवार'
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यूपी के सिद्धार्थनगर में भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए आजम ने कहा कि वे सेक्युलर होने का झूठा दावा करते हैं। आजमा ने कहा कि गुजरात दंगे में जो इंसानियत के लहू में नहाया हो, वह हिंदू-मुस्लिम एकता की क्या बात कर सकता है।
आजम ने कहा, 'अगर मोदी सेक्युलर हैं तो मुझे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएं। मैं पढ़ा लिखा हूं। 20 घंटे काम करता हूं। मेरे ऊपर हत्या का कोई आरोप नहीं है। यदि मुझ में कोई कमी है तो मुख्तार अब्बास नकवी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना दें, वे आडवाणी के दामाद भी हैं।'
आजम खान ने कहा कि मीडिया ही मोदी को चुनाव जिता रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है। हार की हकीकत महसूस करते हुए ही भाजपा अब यूपी में बूथ कैप्चरिंग की बात कह रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अगर हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करती है तो उसका असली चेहरा फैजाबाद (अयोध्या) में नजर आ गया, जहां उसने हिंदुओं को रिझाने के लिए राम के पोस्टर लगाए थे। अगर वह सांप्रदायिक नहीं है तो एक तरफ काबा, मस्जिद-ए-नकवी और बाबरी मस्जिद का पोस्टर लगाना चाहिए था।
महाराजगंज में आजम ने चुनाव आयोग को भी आडे़ हाथों लिया। आजम ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का कार्यालय है। आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिसको चाहती है उसके खिलाफ प्रतिबंध लगवा देती है।
राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ा जा रहा है और निर्दोषों को फांसी दी जा रही है। बाबरी मस्जिद के तीन टुकड़े कर उसको बांटा गया, जो अन्याय है। इस मसले पर न्याय होना ही चाहिए।
लोकसभा चुनाव बाद कांग्रेस को समर्थन के सवाल पर आजम खां ने कहा कि दो बार तो कांग्रेस को समर्थन दिया है। अगर जरूरत महसूस हुई तो तीसरी बार भी समर्थन देंगे। चुनाव आयोग के प्रतिबंध के बाद प्रचार करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं प्रचार नहीं कर रहा हूं।












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