नागरिकता बिल पर बोले आजम खान- लोकतंत्र में सिरों की गिनती, दिमागों की नहीं
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अपना लेकर विरोध जताया है। बिल के लोकसभा में पास होने पर उत्तर प्रदेश के रामपुर से सांसद खान ने कहा कि लोकतंत्र में सिरों को गिना जाता है ना कि दिमागों को। इसलिए ये सब हो रहा है। खान ने ये भी कहा कि विधेयक पर बहस के दौरान सरकार ने विपक्ष को नहीं सुना।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में आजम खान ने कहा, मुसलमानों के पास तो 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान जाने का विकल्प था लेकिन उन्होंने जिन्ना की सोच को ठुकराया और भारत में ही रहने का विकल्प चुना, इसलिए मुसलमानों की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं कर सकता है, वो सबसे बड़े देशभक्त हैं। अब देशभक्ति के लिए ये सजा मिल रही है तो मैं यही कहूंगा कि लोकतंत्र में केवल सिर गिने जाते हैं, दिमाग नहीं।
सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को लोकसभा ने मंजूरी दे दी है। विधेयक के पक्ष में 311 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 80 वोट पड़े। अब इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है। इस बिल में इन तीनों देशों से आने वाले हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है।
नागरिकता संशोधन विधेयक का देश के कई हिस्सों, खासतौर से पूर्वोत्तर में भारी विरोध हो रहा है। वहीं विपक्षी दल और कई संगठन भी इसका विरोधकर रहे हैं। कांग्रेस, वामदलों, टीएमसी, द्रमुक, राजद, सपा, बसपा ने बिल का विरोध किया है। वहीं पाक पीएम इमरान खान का भी इस पर बयान आया है।












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