मीडिया पर बरसे आजम, कहा मुस्लिम नेता के टूर को अय्याशी बना दिया
लेकिन जिस तरह से मीडिया में हमारे टूर को फिजूल खर्ची कहकर बताया गया वह बेहद ही गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि इस बार का प्रतिनिधिमंडल एक मुस्लिम मंत्री (आजम खां) के नेतृत्व में गया था। इसलिए कुछ राजनीतिक दल और मीडिया ने उसे अनायास तूल दिया। यहां तो मुस्लिम नेता कि स्टडी भी अय्याशी बन जाती है।
आजम खां ने कहा कि मीडिया ने हमें विलेन बना दिया था लग रहा था कि हम जैसे विदेश अय्याशी करने गये है। मीडिया का कवरेज यही बताता है कि मीडिया नेताओं और राजनीतिक व्यवस्था के प्रति आम जनता में नफरत पैदा कर देश में राजनीतिक अराजकता का माहौल पैदा करना चाहता है।
आजम खां ने कहा हमने कोई हैरत अंगेज काम तो किया नहीं है इससे पहले 1998 से 2003 तक तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी और 2004 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में विधायकों और मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल हर साल अध्ययन व प्रशिक्षण के लिए विदेश के दौरे पर जाते रहे हैं। लेकिन इस बार मुस्लिम नेता टूर पर चला गया इसलिए तिल का ताड़ बना दिया गया।
गौरतलब है कि यूपी के मंत्रियों और विधायकों का एक 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आजम खां की अगुवाई में 8 जनवरी को पांच देशों के स्टडी टूर पर रवाना हुआ था। तुर्की, नीदरलैंड, ब्रिटेन, ग्रीस और यूएई में संसदीय प्रणाली की 'स्टडी' करने के बाद एक दल आज राजधानी वापस लौटा है। जिस पर करोड़ो रूपये खर्च हुए थे। विरोधी दलों ने इस बात को लेकर यूपी के सीएम अखिलेश यादव और उनकी सरकार की तीखी आलोचना की थी। राजनैतिक दलों ने कहा था जिन पैसों का प्रयोग मुजफ्फरनगर दंगी पीड़ितों के राहत के प्रयोग हो सकता था उस पैसे का प्रयोग सूबे के मंत्री अपने विदेशी टूर में कर रहे हैं, उन्हें ना तो शर्म है और ना ही चिंता।
विदेशी जाने वालों में आजम के अलावा खाद्य मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री शिवकुमार बेरिया समेत आठ मंत्री शामिल थे। साथ ही भाजपा तथा राष्ट्रीय लोकदल के विधायक व विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे भी प्रतिनिधिमंडल में थे।













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