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Ayodhya Verdict: जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी बोले, रिव्यू पिटीशन से सहमत नहीं

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नई दिल्ली: दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने अयोध्या केस पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि वो इस फैसले का स्वागत करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन पर रामलला का हक माना। कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकारों का विवादित ढांचे पर दावा खारिज कर दिया। लेकिन कोर्ट ने उन्हें मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देने के आदेश दिए।

'हम फैसले का सम्मान करेंगे'

'हम फैसले का सम्मान करेंगे'

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने अयोध्या फैसले का स्वागत करते हुए लिखा कि हम हमेशा कहते रहे हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करेंगे। मुझे उम्मीद है कि देश विकास के रास्ते पर बढ़ेगा, जहां तक रिव्यू पिटीशन की बात है, मैं उससे सहमत नहीं हूं।

असदुद्दीन ओवैसी अंसतुष्ट

असदुद्दीन ओवैसी अंसतुष्ट

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अंसतोष जताया। ओवैसी ने कोर्ट की तरफ से से मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन दिए जाने के फैसले पर भी असहमति जताई। उन्होंने जस्टिस वर्मा को कोट करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम जरूर है पर अचूक नहीं है। 6 दिसंबर 1992 को जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, आज उन्हीं को सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि ट्रस्ट बनाकर मंदिर का काम शुरू कीजिए। मेरा कहना ये है कि अगर मस्जिद नहीं गिराई गई होती तो कोर्ट क्या फ़ैसला देता?

रिव्यू पिटीशन कर सकते हैं विचार

रिव्यू पिटीशन कर सकते हैं विचार

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अंसतोष जताते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन हम संतुष्ट नहीं हैं। हम देखेंगे कि आगे इस पर क्या किया जा सकता है। जिलानी ने कहा है कि वो वकीलों से बात करके पुनर्विचार याचिका दाख़िल करने पर फैसला करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा कि मुस्लिम पक्ष विवादित ढांचे पर अपना हक साबित नहीं कर पाया। पांच जजों ने सहमति से ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने विवादित जमीन पर रामलला का हक माना। इसके साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार ये जमीन दे।

Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दिया मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन देने का आदेश

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English summary
Ayodhya Verdict: Jama Masjid Syed Ahmed Bukhari not agree with review petition
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