• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

आंध्र प्रदेश: बेरोजगारी के चलते 3 मजदूरों ने की सुसाइड, सामने आया हैरान कर देने वाला वीडियो

|

अमरावती। आंध्र प्रदेश में मजदूरों के आत्महत्या का मामला सामने आया है। इस मामले में एक मजदूर का आत्महत्या से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। आत्महत्याओं की ये घटनाएं आंध्र प्रदेश के तेनाली, गुंटूर और मंगलगिरी क्षेत्रों से सामने आईं हैं। दरअसल हाल ही आंध्र सरकार ने रेत खनन से जुड़ी नीतियों में बदलाव किया है। जिसका असर भवन निर्माण के क्षेत्र पर बड़े तौर पर पड़ा है। जिसके चलते हजारों दिहाड़ी मजदूरों का आजीविका खत्म हो गई। बताया जा रहा है कि, पैसों की तंगी के चलते इन लोगों ने ये खतरनाक कदम उठाया।

चार महीने से बेरोजगार था वेंकटेश

चार महीने से बेरोजगार था वेंकटेश

आत्महत्या करने वाले एक शख्स वेंकटेश ने फांसी लगाने से पहले एक सेल्फी रिकॉर्ड की थी। वीडियो को तीन हफ्ते पहले रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन जो ये वीडियो अब सामने आया है। इस वीडियो में वेंकटेश यह कहते हुए दिख रहा है कि, वह आत्महत्या इसलिए कर रहा है क्योंकि वह बेरोजगार है और उसके पास जीविकोपार्जन का कोई दूसरा साधन नहीं था। उनकी पत्नी राशी के अनुसार, वेंकटेश पिछले चार महीनों से बेरोजगार था। वेंकटेश गुंटूर जिले का रहने वाला था। सुसाइड करने वाले शख्स ने की पत्नी ने कहा कि, हमारी आजीविका का साधन केवल निर्माण व्यवसाय था। मेरे पति को कोई और काम नहीं पता था। हमारा एक साल का एक बेटा है। जो बीमार है उसे चिकित्सा देखभाल की जरूर है।

सामने आया सुसाइड से पहले का वीडियो

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने एक वीडियो ट्वीट किया है जो माना जाता है कि वह वेंकटेश का है। इस वीडियो के माध्यम से टीडीपी प्रमुख ने वाईएसआर कांग्रेस पर निशाना साधा और कथित तौर पर रेत माफियाओं से सांठगांठ का आरोप लगाया। टीडीपी प्रमुख ने लिखा, 'बिना काम या परिवारों के भूखे रह रहे मज़दूरों को पांच महीने से खुदकुशी करते देखना दिमाग को झकझोरने वाला है। सरकार को अब जागना चाहिए। बता दें कि एक अन्य खुदकुशी तेनाली के नागा ब्रह्माजी ने इस महीने की शुरुआत में की थी। साथ ही मंगलगिरि से भी खुदकुशी का एक मामला सामने आया था।

रेत खनन पर लगाई रोक

रेत खनन पर लगाई रोक

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने राज्य में रेत नीति में आमूल चूल परिवर्तन किया है। पिछले महीने मुख्यमंत्री ने नए नियमों की घोषणा की, जिसके तहत पिछले प्रशासन की 'मुफ्त रेत नीति' को खत्म कर दिया गया और सामग्री केवल सरकारी स्वामित्व वाले स्टॉकयार्ड से उपलब्ध कराया जाना निश्चित किया गया। इस नई नीति का नतीजा यह रहा कि रेत की खरीद में गिरावट आई, जिससे निर्माण और रियल एस्टेट दोनों क्षेत्रों पर असर पड़ा है।

NCP नेता धनंजय मुंडे ने नहीं चुकाया लोन, तो बैंक ने अटैच किया फ्लैट

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
at least three Labourers Allegedly Commit Suicide due to unemployment in Andhra Pradesh
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more