Karnataka chunav में बंपर जीत के बीच कांग्रेस का झटका, इस पार्टी ने कहा- अब हम UPA का हिस्सा नहीं बनेंगे
AIUDF Left UPA Alliance: असम की तीसरी बड़ी पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने कांग्रेस गठबंधन यूपीए को छोड़ने का ऐलान किया है।

कर्नाटक विधानसभा में जहां कांग्रेस ने 136 सीटें जीतकर इतिहास रचा है। वहीं असम से कांग्रेस वाले गठबंधन यूपीए के लिए बुरी खबर सामने आई है। असम की राजनीति में बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने कांग्रेस का साथ छोड़ने का ऐलान किया है।
बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली पार्टी AIUDF ने रविवार को बीजेपी के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने के लिए विपक्षी एकता में शामिल होने का फैसला किया है।
विपक्षी एकता पर दिया जोर
पार्टी का यह फैसला दो दिन पहले (शुक्रवार) को एआईयूडीएफ चीफ बदरुद्दीन अजमल के पटना पहुंचकर विपक्षी एकता को लेकर नीतीश कुमार और आरजेडी प्रमुख लालू यादव से मुलाकात के बाद लिया है।
एआईयूडीएफ के विधायक और पार्टी महासचिव अमीनुल इस्लाम ने एएनआई को बताया कि हाल ही में पार्टी प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व में एआईयूडीएफ का प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिला था।
'बीजेपी के खिलाफ सभी दलों को आना चाहिए एक साथ'
उन्होंने पार्टी के फैसले के बारे में बताते हुए कहा, "शुरुआत से हम कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए में हैं। अब हमारी पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने के लिए विपक्षी एकता में शामिल होने का फैसला किया है। देश के सभी विपक्षी दलों को एक साथ एक मंच पर आना चाहिए और हम 2024 में बीजेपी को उखाड़ फेंकना चाहते हैं। हम यह भी चाहते हैं कि कांग्रेस भी इस विपक्षी एकता में शामिल हो।''
अमीनुल इस्लाम ने कहा, "असम में वर्तमान में हमारे 16 विधायक और एक सांसद हैं। इससे पहले हमने असम में तीन संसदीय क्षेत्रों में जीत हासिल की थी। वर्तमान में हम असम विधानसभा में तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी हैं। हमारी पार्टी भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए बलिदान देगी।"
असम में साथ लड़ा था विस चुनाव
एआईयूडीएफ विधायक ने यह भी बताया कि अभी कांग्रेस नेतृत्व से कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन उनकी पार्टी बातचीत को तैयार है। आपको बता दें कि कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के वक्त AIUDF के साथ गठबंधन में इलेक्शन लड़ा था। हालांकि इसके बाद कई बार कांग्रेस और AIUDF के बीच आरोप पलटवार का दौर चला।












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