सीएए प्रदर्शन से जुड़े तीन मामलों में एक्टिविस्ट अखिल गोगोई को जमानत
नई दिल्ली। असम की जेल में बंद कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े तीन केस में जमानत मिल गई है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को इन मामलों में उनकी जमानत मंजूर की है। डिब्रूगढ़ जिले के छाबुआ पुलिस थाने में दर्ज तीन मामलों में जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मानस रंजन पाठन ने गोगोई को जमानत दी। ये मामले जिन सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों में हिंसा के दौरान एक डाकघरऔर एक बैंक शाखा में आगजनी से जुड़े थे।

अखिल गोगोई की जेल से रिहाई अभी नहीं होगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उनके खिलाफ जो मामले दर्ज किए हैं, उनमें उनको जेल में रहना होगा। गोगोई के वकील शांतनु बड़ठाकुर ने बताया है कि एनआईए के दो मामलों को छोड़कर अब उन्हें सभी मामलों में जमानत मिल गई है। इन दो मामलों में से एक की सुनवाई अगले कुछ दिनों में शुरू होगी। हमें उम्मीद है कि अदालत उन्हें जमानत दे देगी।
अखिल गोगोई गुवाहाटी की सेंट्रल जेल में बंद हैं। बीते साल नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर इनको गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने नए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत इस सामाजिक कार्यकर्ता पर मामला दर्ज किया है।
अखिल गोगोई की सेहत को लेकर उनकी पत्नी गीताश्री तामुली ने हाल ही में सवाल उठाए हैं। गीताश्री का कहना है कि मैं अपने वकील के साथ एनआईए की अदालत से अनुमति लेकर अखिल से जेल में मिलने गई थी लेकिन वहां ड्यूटी ऑफिसर ने हमें गेट के बाहर ही रोक दिया। गीता का कहना है कि अखिल के स्वास्थ्य को लेकर उनको चिंता है, लगातार उनको कोरोना होने को लेकर रिपोर्ट मिल रही हैं लेकिन पिछले तीन महीनों से ना मुझे उनसे मिलने दिया गया है और ना ही फोन पर बात हो सकी है।












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