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फौजियों को पत्थर, मतलब शैतान को मारने जैसा, आसिया अंद्राबी की इसी सोच पर बना दुख्तरान-ए-मिल्लत

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नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्‍मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी का श्रीनगर स्थित घर अपने कब्‍जे में ले लिया है। टेरर फंडिंग के आरोप में जेल में बंद है। आसिया कश्‍मीर की पहली महिला अलगाववादी नेता है। उसका प्रभाव पाकिस्‍तान में इस कदर है कि लश्‍कर-ए-तैयबा का फाउंडर और मोस्‍ट वॉन्‍टेड आतंकी हाफिज सईद भी उससे फोन पर बात करता है। आसिया कश्‍मीर में तैनात सुरक्षाबलों के खिलाफ युवाओं को भड़काती है और उन पर पत्‍थरबाजी को जायज ठहराती है।

यह भी पढ़ें-कश्‍मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी का श्रीनगर का घर सीज

आतंकी से शादी का था सपना

आतंकी से शादी का था सपना

आसिया अंद्राबी दुख्‍तरान-ए-मिलात की फाउंडर है और सन् 1987 में इसकी शुरुआत की थी। दुख्‍तरान-ए-मिलात का मलतब है धर्म की बेटियां। आसिया के माता-पिता दोनों ही डॉक्‍टर्स थे। 10 वर्ष की उम्र से ही एक मुजाहिद के साथ शादी करने का सपना देखने वाली आसिया की आशिक हुसैन फक्‍तू की पत्‍नी है। फक्‍तू, हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी है और इस समय जेल में बंद है। 52 साल की आसिया हर वर्ष 14 अगस्‍त को पाकिस्‍तान का स्‍वतंत्रता दिवस मनाती आई है। इस दिन पर वह पाकिस्‍तान का झंडा लहराती और भारत विरोधी नारे लगाती। सिर्फ इतना ही नहीं झंडा लहराते समय आसिया की संस्‍था के लोग 'गो इंडिया, गो बैक' और 'कश्‍मीर बनेगा पाकिस्‍तान' जैसे नारे लगाते।

लड़कियों के लिए बनाए नियम

लड़कियों के लिए बनाए नियम

आसिया ने जिस संस्‍था की शुरुआत की थी उसमें सिर्फ लड़कियों को जगह दी जाती। लड़कियों को अगर इस संस्‍था का हिस्‍सा बनना होता तो उन्‍हें कई तरह की शर्तें माननी पड़तीं। लड़कियों की उम्र 30 वर्ष से कम होनी चाहिए, कम से कम उन्‍होंने पांच वर्ष तक मदरसे में पढ़ाई की हो, इस्‍लामिक ड्रेस कोड का पालन करती हों, किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्‍सा न हों। इन सब शर्तों के अलावा लड़कियों की शादी किसी भी पुलिसकर्मी या फिर इंडियन आर्मी के जवान के साथ न हुई हो और साथ ही साथ अगर बैंकिंग सेक्‍टर से जुड़ी हैं तो फिर उन्‍हें संगठन में शामिल नहीं किया जाएगा।

सेना पर पत्‍थरबाजी जायज

सेना पर पत्‍थरबाजी जायज

आसिया के केस की जांच कर रहे ऑफिसर्स के मुताबिक ट्रेनिंग में लड़कियों को ऐसी स्‍पीच सुनाई जाती और ऐसी किताबें पढ़ने को दी जातीं, जो भारत की सेनाओं को बुरे तौर पर प्रदर्शित करती थीं। आसिया की संस्‍था सुरक्षाबलों पर पत्‍थरबाजी को जायज ठहराती है। एक जांच अधिकारी के मुताबिक दुख्‍तरान ए मिलात का मानना है कि शैतानी ता‍कतों के खिलाफ कार्रवाई जायज है। आसिया, इंडियन आर्मी को शैतान करार देती है। संस्‍था की लड़कियों और बाकी लोगों में यह मैसेज दिया गया कि एक आम कश्‍मीरी को भारत के सुरक्षाबलों से डरने की जरूरत नहीं हैं। उन्‍हें बताया गया कि मुसलमानों के लिए शैतान पर पत्‍थर मारना जायज है और भारत की सेनाएं शैतान हैं।

भांजा पाकिस्‍तान आर्मी में कैप्‍टन

भांजा पाकिस्‍तान आर्मी में कैप्‍टन

आसिया ने इस कदर भारत विरोधी भावनाओं को भड़काया कि एक बार उसने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर गाय काटी और इसका वीडियो भी अपलोड कर दिया। आसिया ने यह कदम कोर्ट की तरफ से जानवरों की बलि पर लगाई गई रोक का विरोध करने के लिए उठाया था। आसिया का एक बेटा मलेशिया में तो एक ऑस्‍ट्रेलिया में रह रहा है। आसिया का एक भांजा जुल्‍कारनैन पाकिस्‍तान आर्मी में कैप्‍टन है तो दूसरा एरोनॉटिकल इंजीनियर है। इस समय वह इस्‍लामाबाद स्थित इंटरनेशनल इस्‍लामिक यूनिवर्सिटी में बतौर लेक्‍चरार पढ़ा रहा है। उसके ज्‍यादातर रिश्‍तेदार पाकिस्‍तान, सऊदी अरब, इंग्‍लैंड और मलेशिया में हैं।

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English summary
Asiya Andrabi: Kashmir's first woman separatist says Indian Army is Satan and pelting stone on soldier is legal as per Islam norms.
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